शुक्रवार, 21 अप्रैल, 2006 को 12:55 GMT तक के समाचार
वर्ष 1926 का ब्रिटेन के इतिहास में ख़ास महत्व है. वर्ष 1926 को ब्रिटेन की तीन महत्वपूर्ण संस्थाओं के वजूद में आने का साल कहा जाता है.
यही वर्ष महारानी एलिज़ाबेथ का जन्म वर्ष है. बीबीसी को रेडियो प्रसारणों के लिए पहला शाही चार्टर भी 1926 में ही मिला था.
इस मौक़े पर महारानी ने लंदन में बीबीसी के प्रसारण भवन का दौरा किया और अनेक वरिष्ठ प्रसारण सितारों से मुलाक़ात की. ब्रिटेन की एक बौद्धिक विचार मंथन संस्था है - रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंटेरनेशनल अफ़ेयर्स जिसे चैटहम हाउस के नाम से भी जाना जाता है.
इस संस्था को भी बीबीसी की ही तरह 1926 में शाही चार्टर प्रदान किया गया था. महारानी ने अपने 80वें जन्म दिन के मौक़े पर चैटहम हाउस में विश्व राजनीति पर एक परिचर्चा में भी हिस्सा लिया.
पिछले अस्सी वर्षों में ब्रितानी समाज में नाटकीय परिवर्तन हुए हैं. इसी तरह से दुनिया में ब्रिटेन की भूमिका भी बदली है. जब अप्रेल 1926 में महारीनी एलिज़ाबेथ का जन्म हुआ था तब भी ब्रिटेन उपनिवेश ताक़त था.
एलिज़ाबेथ जब 1952 में महारानी बनी तो ब्रिटेन दूसरे विश्व युद्ध के बाद पैदा हुए पहचान के संकट का सामना कर रहा था जिसके बारे में अमरीका के पूर्व विदेश राज्य मंत्री डीन एचेसन ने कहा था कि ब्रिटेन का साम्राज्य ख़त्म हो गया है लेकिन उसे अभी कोई सही भूमिका नहीं मिली है.
ब्रिटेन की महारानी को जो सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय भूमिका मिली वो है राष्ट्रमंडल संगठन के अध्यक्ष के रूप में.
इस संगठन में ऐसे 53 राष्ट्र सदस्य हैं जो अतीत में ब्रितानी साम्राज्य का हिस्सा रह चुके हैं. महारानी की ऊँचे दर्जे वाली भूमिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटेन की छवि को परिभाषित करने में मदद की है.
हालाँकि महारानी की भूमिका और प्रासंगिकता पर कभी-कभी सवाल भी उठाए जाते हैं लेकिन कुछ देश ब्रिटेन के ग़ैर-राजनीतिक राष्ट्राध्यक्ष के रूप में महारानी की छवि से ईर्ष्या भी करते हैं.
53 साल से ब्रिटेन की राजगद्दी पर आसीन महारानी एलिज़ाबेथ ने अब तक लगभग 78 देशों की शाही यात्रा की है. महारानी एलिज़ाबेथ ने गत बुधवार को ऐसे 99 लोगों से भी मुलाक़ात की जिनका जन्म भी 21 अप्रैल 1926 को ही हुआ था.
लंदन में महारानी के शाही निवास बकिंघम पैलेस के बाहर उनकी झलक पाने के लिए भारी संख्या में लोग खड़े होते हैं और जन्म दिन के मौक़े पर तो लोगों का ताँता लगा हुआ है.
लोग महारानी को 80वें जन्म दिन की बधाइयाँ देते-देते नहीं थक रहे हैं.