गुरुवार, 20 अप्रैल, 2006 को 18:55 GMT तक के समाचार
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ से अनुरोध किया है कि वे चीन की मुद्रा का फिर से मूल्यांकन करें ताकि अमरीकी निर्यात के लिए बेहतर हालात बन सकें.
बुश ने हू जिंताओ की अमरीका यात्रा के दौरान बुधवार को यह बात कही.
हू जिंताओ ने जवाब में कहा कि चीन इस मुद्दे के समाधान की दिशा में काम करेगा लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया.
कुछ अमरीकी राजनीतिज्ञों का कहना है कि चीन की मुद्रा का मूल्य कृत्रिम रूप से कम रखा गया है और चीन से होने वाले सस्ते निर्यात की वजह से अमरीका के निर्माण उद्योग को नुक़सान हो रहा है.
हू जिंताओ की वाशिंगटन यात्रा के दौरान पत्रकारों ने उनसे यह सवाल भी पूछा कि चीन में लोकतंत्र कब आएगा.
हू जिंताओ ने कहा कि वह इस सवाल को सही तरह से नहीं समझ पाए कि इसका क्या मतलब है लेकिन कहा कि लोकतंत्र के बिना चीन में आधुनिकीकरण नहीं हो सकता.
इससे पहले बुश ने वाशिंगटन में जिंताओ का स्वागत किया. इस मौक़े पर दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया परमाणु विवाद के समाधान पर ज़ोर दिया है.
हू जिंताओ अमरीका के पूर्ण राजकीय दौरे पर नहीं हैं, लेकिन इसके बावज़ूद गुरुवार को व्हाइट हाउस में उनका स्वागत पूरे तड़क-भड़क के साथ किया गया.
व्हाइट हाउस पहुँचने के बाद अपने शुरुआती संबोधन के दौरान वहाँ विरोध का सामना करना पड़ा. विरोध करने वाली एक महिला मीडियाकर्मियों के बीच मौजूद थी.
महिला फ़ालुन गोंग पंथ के समर्थन में नारे लगा रही थी. ग़ौरतलब है कि चीन सरकार ने फ़ालुन गोंग पर प्रतिबंध लगा रखा है.
सुरक्षाकर्मियों ने उस महिला को तुरंत काबू मे ले लिया और उसे आयोजन स्थल से बाहर ले गए.
मानवाधिकार
अनेक प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाहर भी खड़े थे. वो चीन के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर विरोध कर रहे थे.
अपने स्वागत भाषण में बुश ने हू जिंताओ के साथ चीन में मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा करने की बात की.
बुश परमाणु मामले पर उत्तर कोरिया के साथ रूकी वार्ता को शुरू कराने में चीन के सहयोग की ज़रूरत बताई.
इसके जवाब में हू ने कहा कि वह उत्तर कोरिया ही नहीं बल्कि ईरान परमाणु मामले के समाधान में सहयोग के लिए तैयार है.