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प्रोदी की जीत तय, बर्लुस्कोनी अड़े

रोमानो प्रोदी इटली के प्रधानमंत्री पद के और क़रीब पहुँच गए हैं और ऐसा लगता है कि कम ही अंतरों से ही सही उनकी जीत बरक़रार रहेगी.

लेकिन दूसरी ओर प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी अपनी हार मानने को तैयार नहीं हैं और दावा कर रहे हैं कि परिणाम स्पष्ट नहीं हैं.

उल्लेखनीय है कि पिछले 9 और 10 अप्रैल को इटली में आम चुनाव हुए थे और मतगणना में रोमानो प्रोदी के मध्यमार्गी-वामपंथी गठबंधन को बहुत कम अंतरों से जीत मिली थी.

सत्ताधारी मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी गठबंधन की ओर से बर्लुस्कोनी ने कहा था कि वे फिर से मतगणना चाहते हैं.

पहले माना जा रहा था कि विवादित मतों की संख्या बहुत अधिक है लेकिन शुक्रवार को गृहमंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि विवादित मतों की संख्या पाँच हज़ार के आसपास है, 80 हज़ार नहीं, जैसा कि पहले माना गया था.

इस स्पष्टीकरण के बाद, यदि विवादित मतों में से ज़्यादा बरलुस्कोनी के गठबंधन के पक्ष में जाता है तो भी नतीजों पर बहुत असर नहीं पड़ने वाला है.

हार नहीं-जीत नहीं

लेकिन बर्लुस्कोनी अभी भी अपनी हार मानने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने एक अख़बार को लिखे पत्र में कहा है, "इस चुनाव में कोई नहीं जीता और कोई नहीं हारा."

लेकिन अपनी जीत का दावा कर चुके प्रोदी इससे सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हमारी जीत को मान लिया जाए.

इस बीच बर्लुस्कोनी ने एक संयुक्त गठबंधन का भी प्रस्ताव दिया था जिसे प्रोदी ने नकार दिया था.

तब तक इटली दो खेमों में बँटा हुआ दिखता है.

रोम से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी भी नई सरकार के गठन में कम से कम एक महीने का समय दिखता है.

उनका कहना है कि नई संसद के दोनों सदन पहले नया राष्ट्रपति चुनेंगे क्योंकि वर्तमान राष्ट्रपति सियांपी का कार्यकाल ख़त्म हो गया है.

इसके बाद नए राष्ट्रपति इटली का नया प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे.