बुधवार, 12 अप्रैल, 2006 को 16:49 GMT तक के समाचार
परमाणु कार्यक्रम रोकने को लेकर ईरान पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव बढ़ता जा रहा है.
अमरीका ने ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र के कड़े क़दम की ज़रूरत बताई है, जबकि रूस ने कहा है कि यूरेनियम संवर्द्धन का काम कर ईरान ग़लत दिशा में बढ़ रहा है.
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा था कि उनके देश ने संवर्धित यूरेनियम बनाने में सफलता प्राप्त कर ली है.
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने बुधवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को ईरान के ताज़ा पहल पर कड़े क़दम उठाने चाहिए.
राइस ने कहा कि ईरान का मामला जब दोबारा सुरक्षा परिषद के समक्ष आता है तो उसे कड़े क़दम उठाते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विश्वसनीयता क़ायम है.
रूस, ब्रिटेन और चीन का रूख़
रूसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मिखाइल कैमिनिन ने कहा, "हम समझते हैं कि (यूरेनियम संवर्द्धन) का ये क़दम ग़लत है. यह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के विरुद्ध है."
हालाँकि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने सभी पक्षों के संयम बरतने पर ज़ोर देते हुए ईरान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई की मंशा को ग़लत बताया है.
ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने भी ईरान परमाणु मामले को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.
स्ट्रॉ ने एक बयान में कहा, "ईरान का ताज़ा बयान ईरानी शासन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भरोसे को कम करता है."
जर्मनी और फ़्रांस के अधिकारियों ने भी ईरानी घोषणा को चिंताजनक बताया है.
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत वांग गुआंग्या ने यूरेनियम संवर्द्धन की चीन की घोषणा को चिंताजनक बताते हुए इस विवाद में सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.