शनिवार, 08 अप्रैल, 2006 को 16:05 GMT तक के समाचार
मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक का कहना है कि इराक़ में हिंसा से गृह युद्ध छिड़ सकता है और यह इराक़ की सीमा के पार भी फैल सकता है.
राष्ट्रपति मुबारक का कहना था कि यदि अमरीकी सेना हटी तो स्थिति और गंभीर हो जाएगी.
एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान के इराक़ के शिया समुदाय पर असर ने स्थिति को और जटिल बना दिया है.
उनका कहना था कि शिया समुदाय अपने देश से कहीं अधिक ईरान के प्रति वफादार रहता है.
इराक़ की आंतरिक सुरक्षा मामलों के उपमंत्री हुसैन अली कमाल ने बीबीसी से कहा कि उनके देश में पिछले एक साल से अघोषित गृह युद्घ चल रहा है.
उनका कहना था, "रोज़ाना शिया, सुन्नी, कुर्द और ईसाई समुदाय के लोग मारे जा रहे हैं, बात बस इतनी सी है कि इस गृह युद्ध की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है."
लेकिन इराक़ी मंत्री ने कहा कि ये गृह युद्ध "बड़े स्तर पर नहीं हो रहा" है.
हिंसा
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कुछ लोगों के मुताबिक इराक़ी मंत्री हुसैन अली कमाल बात को बढ़ा चढ़ा कर पेश कर रहे हैं.
इराक़ के सबसे बड़े शिया गुट के नेता अब्दुल अज़ीज़ हाकिम ने अपने समर्थकों से कहा है कि इराक़ में हो रहे हमलों का मकसद राष्ट्रीय सरकार के गठन की कोशिशों को रोकना है. उन्होंने कहा, "हम लोग गृह युद्ध के जाल में नहीं फँसने वाले."
उधर इराक़ी पुलिस का कहना है कि मुसायिब कस्बे में एक कार बम के फटने से कम से कम छह लोग मारे गए हैं और 21 घायल हो गए हैं. मुसायिब शिया बहुल इलाक़ा है और ये कस्बा बग़दाद के पास है.
मुसायिब में बम धमाका उस समय हुआ है जब बग़दाद में शुक्रवार को मारे गए 75 लोगों को दफ़नाया जा रहा था.
पिछले महीने एक प्रमुख शिया धार्मिक स्थल पर हमले के बाद से इराक़ में तनाव काफ़ी बढ़ गया है.