शुक्रवार, 07 अप्रैल, 2006 को 21:53 GMT तक के समाचार
अमरीका ने घोषणा की है कि वह हमास के नेतृत्ववाली फ़लस्तीनी सरकार को आर्थिक सहायता स्थगित कर रहा है. दूसरी ओर हमास ने इस क़दम को अमरीका और यूरोपीय संघ की ब्लैकमेल की कोशिश क़रार दिया है.
अमरीकी प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि संयुक्त राष्ट्र सहायता एजेंसी की ओर दी जानेवाली अमरीकी सहायता में बढोत्तरी की जाएगी.
अमरीका की इस घोषणा से पहले यूरोपीय संघ ने भी फ़लस्तीनी सरकार को सहायता राशि का भुगतान स्थगित करने का ऐलान किया था.
अमरीका और यूरोपीय संघ चाहते हैं कि हमास इसराइल को मान्यता दे और शांति समझौते को स्वीकार करे.
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है,'' अमरीका फ़लस्तीनी सरकार, मंत्रिमंडल और मंत्रालयों को आर्थिक सहायता स्थगित कर रहा है.''
बयान में कहा गया है कि यह फ़ैसला इसलिए लिया गया क्योंकि हमास के नेतृत्ववाली फ़लस्तीनी सरकार ने अहिंसा, इसराइल को मान्यता देने और विभिन्न पक्षों के बीच हुए समझौतों को मानने से इनकार कर दिया है.
इस फ़ैसले पर हमास ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और कहा है कि ये अमरीका और यूरोपीय संघ की सस्ती ब्लैकमेल करने की कोशिश है.
हमास के प्रवक्ता ग़ाज़ी हमद ने कहा कि उनका संगठन धन के लिए अपने राजनीतिक फ़ैसलों के नहीं बेचेगा.
गहराता संकट
बुधवार को फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माईल हानिया ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में कहा था कि उनकी सरकार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही है.
इस्माईल हानिया ने कहा कि वित्त मंत्रालय के पास धन नहीं हैं और कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है.
उनका कहना था कि नया नेतृत्व 10 लाख फ़लस्तीनी ऑथारिटी के लोगों के वेतन का भुगतान करने की पूरी कोशिश करेगा.
ग़ौरतलब है कि इस साल जनवरी में हमास ने फ़लस्तीन में हुए चुनाव में जीत हासिल की थी.
लेकिन उसके बाद से ही दानदाताओं ने धमकी दी थी कि यदि हमास ने इसराइल को मान्यता नहीं दी तो वो आर्थिक सहायता बंद कर देंगे.
लेकिन संयुक्त राष्ट्र को भेजे अपने पहले आधिकारिक पत्र में फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद ज़हर ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मध्यस्थों की अपील को ठुकराते हुए इसराइल को मान्यता देने से इनकार कर दिया था.