बुधवार, 05 अप्रैल, 2006 को 13:47 GMT तक के समाचार
नए फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद अज़हर ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को भेजे गए पत्र में यह बात ग़लती से शामिल हो गई है कि हमास मध्य पूर्व के संकट को दो-राष्ट्र के निर्माण से हल किया जा सकता है.
पत्र में हमास के नेतृत्व में गठित फ़लस्तीनी सरकार ने कहा था कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ मिल-जुल कर स्वतंत्र रूप से रहना चाहती है.
सरकार गठन के बाद संयुक्त राष्ट्र को भेजे अपने पहले आधिकारिक पत्र में फ़लस्तीनी विदेश मंत्री ने ये बात कही है जिससे यह मतलब निकाला गया कि हमास अब इसराइल के वजूद को मान्यता नहीं देने की अपनी नीति में बदलाव कर रहा है.
लेकिन महमूद अज़हर ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि दो राष्ट्रों के वजूद के संदर्भ वाली बात ग़लती से पत्र में रह गई है.
अज़हर ने कहा कि उन्होंने पत्र में से यह संदर्भ निकालने को कहा था लेकिन ग़लती से वह बात पत्र में रह गई.
इस साल जनवरी में हमास ने फ़लस्तीनी संसद के लिए हुए चुनाव में जीत हासिल की थी.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान को लिखे पत्र में फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद अज़हर ने कहा था कि इसराइल की नीतियों के कारण शांति की उम्मीद ख़त्म हो जाएगी.
अमरीका, संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और रूस ने जो रोड मैप बनाया है, उसमें इसराइल और फ़लस्तीन राष्ट्र की बात कही गई है जो साथ-साथ शांतिपूर्वक रहें.