बुधवार, 05 अप्रैल, 2006 को 13:20 GMT तक के समाचार
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने बग़दाद की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों को मनगढ़ंत क़रार दिया है.
सद्दाम के ख़िलाफ़ मुक़दमे की सुनवाई बग़दाद की अदालत में बुधवार को फिर से शुरू हुई.
दुजैल कस्बे में 1982 में 148 शियाओं की हत्या के बारे में जारी मुक़दमे में पहली बार ज़िरह कर रहे पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति ने कहा कि गवाहों को रिश्वत देकर और सिखा-पढ़ाकर लाया गया है.
बिना किसी वकील के ज़िरह कर रहे सद्दाम ने अभियोजन पक्ष के सबूतों को एक सिरे से नकार दिया.
अभियोजन पक्ष ने दुजैल में मारे गए कुछ बच्चों की पहचान से जुड़े दस्तावेज़ पेश किए थे.
सद्दाम ने कहा कि ऐसे फ़र्ज़ी दस्तावेज़ आसानी से बनाए जा सकते हैं.
इससे पहले सद्दाम ने मौज़ूदा इराक़ी गृह मंत्रालय पर हज़ारों लोगों को प्रताड़ित करने और हत्या करने के आरोप लगाए हैं.
जज ने जब सद्दाम हुसैन से राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं करने को कहा तो उन्होंने आरोप लगाया कि जज गृह मंत्री से डरते हैं.
जनसंहार का आरोप
उल्लेखनीय है कि तीन सप्ताह पहले सुनवाई स्थगित किए जाते वक़्त सद्दाम ने बचाव में दलील देना शुरू किया था.
अदालत पर निशाना साधते हुए उन्होंने मुक़दमे को एक मज़ाक बताया था.
दुजैल में 148 लोगों की हत्या के आरोप में सद्दाम और उनके सात सहयोगियों पर मुक़दमा चलाया जा रहा है.
दोषी पाए जाने पर उन्हें सज़ा-ए-मौत दी जा सकती है.
अभी एक दिन पहले ही यह घोषणा की गई है कि सद्दाम पर जनसंहार के आरोप में भी मामला चलाया जाएगा.
यह आरोप में 1980 के दशक में उत्तरी इराक़ में कुर्दों के ख़िलाफ़ सैनिक अभियान से जुड़ा है.
एक अनुमान के अनुसार इराक़ी सैनिक कार्रवाइयों में 1,80,000 कुर्दों के मारे गए थे.
यह मामला अलग से चलाए जाने की संभावना है.