गुरुवार, 06 अप्रैल, 2006 को 12:15 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माईल हानिया ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में कहा है कि उनकी सरकार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही है.
इस्माईल हानिया ने कहा कि वित्त मंत्रालय के पास धन नहीं हैं और कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है.
उनका कहना था कि नया नेतृत्व 10 लाख फ़लस्तीनी ऑथारिटी के लोगों के वेतन का भुगतान करने की पूरी कोशिश करेगा.
प्रधानमंत्री हानिया ने कहा,'' हम वित्तीय संकट के बावजूद सरकारी कर्मचारियों को भुगतान करने की पूरी कोशिश करेंगे.''
ग़ौरतलब है कि इस साल जनवरी में हमास ने फ़लस्तीन में हुए चुनाव में जीत हासिल की थी.
लेकिन उसके बाद से ही दानदाताओं ने धमकी दी थी कि यदि हमास ने इसराइल को मान्यता नहीं दी तो वो आर्थिक सहायता बंद कर देंगे.
मान्यता से इनकार
लेकिन संयुक्त राष्ट्र को भेजे अपने पहले आधिकारिक पत्र में फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद ज़हर ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मध्यस्थों की अपील को ठुकराते हुए इसराइल को मान्यता देने से इनकार कर दिया.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान को लिखे पत्र में फ़लस्तीनी विदेश मंत्री ने कहा कि इसराइल की नीतियों के कारण शांति की उम्मीद ख़त्म हो जाएगी.
फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद ज़हर ने अन्नान को भेजे पत्र में लिखा है कि वो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करके फ़लस्तीनियों के लिए एक स्वतंत्र देश पाने का अधिकार हासिल करना चाहेंगे.
दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हमास के नेतृत्व वाली नई फ़लस्तीनी सरकार से कहा है कि वह अपना रुख़ बदले, पिछले समझौतों पर अमल करे और हिंसा का रास्ता छोड़ दे.