मंगलवार, 04 अप्रैल, 2006 को 04:47 GMT तक के समाचार
अमरीका ने ज्यूरी के उस फ़ैसले का स्वागत किया है, जिसमें कहा गया है कि अल क़ायदा के कथित सदस्य ज़करियास मुसावी को मौत की सज़ा दी जा सकती है.
सितंबर 2001 में अमरीका में हुए हमले के सिलसिले में मुसावी ही अकेले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन पर अमरीका में मुक़दमा चल रहा है.
ज़्यूरी के इस फ़ैसले के बाद अब बचाव और अभियोजन पक्ष के वकील इस पर बहस करेंगे कि क्या मुसावी को मौत की सज़ा दी जानी चाहिए?
ज्यूरी के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमरीकी न्याय मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अगले दौर के मुक़दमे के दौरान भी 11 सितंबर के पीड़ितों की ओर से उनकी कोशिश जारी रहेगी.
मुक़दमे का अगला दौर गुरुवार को शुरू हो रहा है और कई सप्ताह तक यह दौर चल सकता है. इस दौर में अदालत के सामने मारे गए लोगों के रिश्तेदारों को बुलाया जाएगा को उस दिन की मानसिक पीड़ा बयान करेंगे.
बचाव
वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब का कहना है कि बचाव पक्ष के वकील इस पर ज़ोर देंगे कि मुसावी मानसिक रूप से बीमार हैं.
मुसावी ने भी हाल ही में यह कहा था कि वे अपना बचा हुआ जीवन जेल की सलाखों के पीछे नहीं गुजारना चाहते. बीबीसी संवाददाता का मानना है कि दूसरे शब्दों में मुसावी ये कहना चाहते हैं कि मौत की सज़ा उनके लिए बेहतर होगी.
जस्टिन वेब का कहना है कि लगता है कि ज्यूरी उन्हें मौत की सज़ा सुनाएगी लेकिन यह चार साल से चली आ रही इस क़ानूनी प्रक्रिया का अंत नहीं होगा.
क्योंकि क़रीब चार साल से चल रहे मुक़दमे के बाद अगर मुसावी को मौत की सज़ा सुनाई गई, तो इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील अपने-आप हो जाएगी.