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सोमवार, 03 अप्रैल, 2006 को 16:28 GMT तक के समाचार

'विद्रोह की कमान ज़रकावी के पास नहीं'

इराक़ में अल क़ायदा की चरमपंथियों गतिविधियाँ चलाने वाले जॉर्डन के चरमपंथी अबू मूसब अल ज़रकावी अब 'इराक़ी चरमंपथियों के गठबंधन' के नेता नहीं है और ये काम एक इराक़ी चरमपंथी के सुपुर्द किया गया है.

ये दावा वरिष्ठ इस्लामी नेता हुत्तैफ़ा आज़म ने किया है जिनके पिता ओसामा बिन लादेन के मुख्य सलाहकार थे.

उनका कहना है कि ज़रकावी की जगह एक इराक़ी को इसलिए नेता बनाया गया है क्योंकि कई चरमपंथी ज़रकावी की रणनीति और पूरे विद्रोही अभियान की ओर से बात करने से नाराज़ थे.

विशेषज्ञों का मानना है कि ये एक रणनीतिक फ़ैसला है ताकि इराक़ में विद्रोहियों को ये महसूस हो कि उनका नेतृत्व कोई इराक़ी ही कर रहे हैं.

आज़म के अनुसार अब्दुल्ला अल बग़दादी को विद्रोहियों के गठबंधन का नया नेता बनाया गया है.

उनका ये भी कहना है कि ये कदम जरक़ावी के अन्य देशों में किए हमलों -जैसे जॉर्डन में पिछले साल होटल में हुए धमाके और वीडियों पर सिर कलम करते हुए दिखाने जैसी हरकतों के कारण भी उठाया गया है.

आज़म के इस दावे की पुष्टि स्वतंत्र सूत्रों से कर पाना संभव नहीं है और ये भी स्पष्ट नहीं है कि ये जानकारी आज़म को कैसे मिली.

आज़म के पिता अब्दुल्ला आज़म ने ओसामा बिन लादेन समेत कई मुसलमानों को प्रेरित किया कि वे 1980 के दशक में अफ़ग़ानिस्तान में जाकर सोवियत संघ के कब्ज़े के ख़िलाफ़ लड़ें.

बीबीसी के मध्य पूर्व विश्लेषक रॉजर हार्डी का कहना है कि यही कारण है कि हुत्तैफ़ा आज़म इराक़ी जिहादी संगठनों के बारे में इतने अधिकार से बात करते हैं.

हार्डी का कहना है कि यदि ज़रकावी के बारे में ख़बर सही भी है तो भी इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि इराक़ में कई बर्बर घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार ये अल क़ायदा नेता आने वाले दिनों में भी काफ़ी ताकतवर ही बने रहेंगे.