रविवार, 02 अप्रैल, 2006 को 18:11 GMT तक के समाचार
इसराइली में हाल में हुए चुनावों के बाद कदीमा और लेबर दोनों पार्टियों ने कहा है कि उनके नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाना चाहिए और मंत्रिमंडल के गठन का मौक़ा मिलना चाहिए.
इस तरह मंगलवार को हुए चुनावों के बाद इसराइल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरु हो गई है.
संसद की कुल 120 सीटों में से 29 सीटें जीतने वाली कदीमा पार्टी और 20 सीटें जीतने वाली लेबर पार्टी के प्रतिनिधि राष्ट्रपति मोशे कात्सव से मिले हैं ताकि गठबंधन सरकार बनाने पर बातचीत की जा सके.
माना जा रहा है कि इसराइली राष्ट्रपति अगले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा करने से पहले कई अन्य पार्टियों से भी मिलेंगे.
लेकिन पर्यवेक्षकों का मानना है कि कदीमा पार्टी के नेता कार्यवाहक प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट के ही प्रधानमंत्री बनाए जाने की ज़्यादा संभावना है क्योंकि उनकी पार्टी को लेबर पार्टी के मुकाबले में नौ अधिक सीटें मिली हैं.
गठबंधन सरकार बनाने के बारे में औपचारिक बातचीत प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा के बाद ही होगी.
ग़ज़ा में सुरक्षा योजना
उधर ग़ज़ा पट्टी में फिर भड़की हिंसा के दो दिन बाद फ़लस्तीनी प्राधिकरण नई सुरक्षा योजना की चर्चा कर रहा है.
दो दिन पहले प्रतिद्वंद्वी फ़लस्तीनी गुटों में हुई हिंसक झड़पों में तीन लोग मारे गए थे.
फ़लस्तीनी गृह मंत्री और हमास के सदस्य सैयद सियाम का कहना है कि उनकी रणनीति फ़लस्तीनी समाज में पारंपरिक सामाजिक नियंत्रण के प्रावधानों को इस्तेमाल करना होगा.
उनका कहना है कि वे बड़े-बुज़ुर्गों और मध्यथता करने वाले अन्य वरिष्ठ लोगों से बातचीत कर रहे हैं और कोशिश करेंगे कि मस्जिदों और मीडिया के इस्तेमाल से असामाजिक तत्वों को अलग-थलग किया जाए.
उनका कहना था कि मकसद सड़कों पर होने वाली हिंसक झड़पों को ख़त्म करना होगा और लोगों को ये दिखाना होगा कि क़ानून से ऊपर कोई नहीं है.