रविवार, 02 अप्रैल, 2006 को 15:49 GMT तक के समाचार
बहरीन में अधिकारियों ने कहा है कि वहाँ कुछ दिन पहले हुई नाव दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 58 हो गई है. इसमें 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं.
अधिकारियों का कहना है कि 71 लोगों को बचा लिया गया है जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है.
दुर्घटना में मारे गए लोगों के रिश्तेदार बहरीन पहुँच रहे हैं.
अधिकारियों के मुताबिक जो नाव डूबी थी, उस नाव को यात्रियों को सैरसपाटे पर ले जाने का लाइसेंस नहीं दिया गया था.
बहरीन के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि नाव का पंजीकरण सिर्फ़ मछली मारने की नौका के रुप में हुआ था और इसमें सिर्फ़ रेस्तराँ चलाने की अनुमति दी गई थी.
प्रवक्ता का कहना था कि यात्रियों को सैर सपाटा करवाने के मकसद से नाव का इस्तेमाल करने के लिए, लाइसेंस का आवेदन किया गया था लेकिन अभी उसे स्वीकृति नहीं मिली थी.
कारण
नाव के कप्तान से पूछताछ की जा रही है. स्थानीय अभियोजक पक्ष के लोगों का कहना है कि शायद ये व्यक्ति अपने पद के योग्य नहीं था.
बहरीन के अधिकारियों ने कहा है कि अभी ये बता पाना मुश्किल है कि नाव क्यों डूबी. बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि नाव से जुड़े कागज़ात पूरे नहीं होने की बात सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं.
ख़ासकर बहरीन जैसे देश में जहाँ प्रावधानों का आम तौर पर पालन किया जाता है.
संवाददाता के मुताबिक ये नाव पारंपरिक अरबी नाव की तर्ज पर बनाई गई थी.
लेकिन इसमें लकड़ी के बजाय फ़ाइबरगलास का इस्तेमाल किया गया था जो काफ़ी हल्का होता है. इसके अलावा नाव में हाल ही में तीन नए डेक बनाए गए थे जिसके चलते नाव की स्थिरता पर असर पड़ सकता है.
आरोप
नाव पर सवार ज़्यादातर लोग दक्षिण अफ़्रीका आधारित कंपनी मरे एंड रॉबर्टस के कर्मचारी थे.
कंपनी में मैनेजर साइमन हिल ने बताया है कि नाव के कप्तान को कहा गया था कि अगर नाव असुरक्षित है तो उसे पानी में लेकर न जाएँ.
साइमन हिल इस नाव दुर्घटना में बच गए थे.
उन्होंने बताया, "मैने लोगों को डूबते देखा और इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाता मैं भी पानी में था."
नाव के मालिक, अल-दाना कंपनी ने नाव में ज़रूरत से ज़्यादा लोगों को भरने के लिए टूर कंपनी को दोषी ठहराया है.