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शनिवार, 01 अप्रैल, 2006 को 10:54 GMT तक के समाचार

'अमरीका के सामने नए तरह का दुश्मन'

अमरीका की विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि उनका देश 'आतंकवाद के ख़िलाफ़' जो लड़ाई लड़ रहा है वो एक अलग तरह की जंग है.

बीबीसी को दिए गए एक साक्षात्कार में कॉंडोलीज़ा राइस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये नैतिक लड़ाई है.

कॉंडोलीज़ा राइस का कहना था कि अमरीका के सामने इस समय जो दुश्मन है, वैसे दुश्मन से अमरीका का अब तक सामना नहीं हुआ है-एक ऐसा दुश्मन जिसका मकसद मारना है.

कॉंडोलीज़ा राइस ने पश्चिमी तट में आत्मघाती हमले की आलोचना न करने के लिए हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार की निंदा भी की.

ब्रिटेन दौर पर आईं कॉंडोलीज़ा राइस ने कहा कि उनके दौरे के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध प्रदर्शनों से उन्हें कोई परेशानी नहीं है.

उन्होंने कहा, "लोकतंत्र ही एक मात्र प्रणाली है जिसमें लोगों को अपनी बात कहने की अनुमति है, मैं प्रदर्शनकारियों के विरोध करने के हक़ का सम्मान करती हूँ."

'अलग तरह का दुश्मन'

कॉंडोलीज़ा राइस ने कहा कि अमरीका को 1983 में ही निशाना बनाया गया था जब उसकी सैन्य छावनियों पर लेबनान में हमला किया गया.

राइस की पत्रकारवार्ता का वीडियो

उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में अमरीका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर जो हमला हुआ, वो 1983 में शुरू हुई प्रकिया का ही नतीजा था.

साक्षात्कार में कॉंडोलीज़ा राइस से ग्वांतानामो बे और मानवाधिकार पर अमरीका के रिकॉर्ड के बारे में भी सवाल पूछा गया.

इस पर राइस का कहना था कि अमरीका अपनी वैधानिक बाध्यताओं का सम्मान करता है लेकिन साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि अल क़ायदा जैसे गुटों से निपटने के लिए जिनीवा समझौते का दायरा और बढ़ाने की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि जिनीवा समझौता उस दौरान लिख गया था जब युद्ध दो या उससे ज़्यादा देशों के बीच होता था.

अमरीकी विदेश मंत्री ने इस बात से इनकार किया कि अमरीका की लड़ाई में इराक़ का कोई स्थान नहीं है.

उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में 'आतंक' के हालात पैदा करने में इराक़ के सद्दाम हुसैन के पूर्व शासन की केंद्रिय भूमिका थी.

कॉंडोलीज़ा राइस ने इस बात को खारिज कर दिया कि इराक़ में लड़ाई से वहाँ हालात बेहतर होने के बजाय बदतर हुए हैं.