पुलिस बहरीन के तट पर डूबी नाव के कप्तान के साथ पूछताछ कर रही है. इस नाव के डूब जाने से 57 लोगों की मौत हो गई थी जिसमें 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं.
नाव के मालिक ने इस दुर्घटना के लिए टूर संचालक कंपनी को दोषी ठहरा रहे हैं. उनका आरोप है कि उसने नाव में क्षमता से अधिक लोगों को सवार कर दिया था.
बहरीन के अधिकारियों का कहना है कि कप्तान अपने पद के योग्य नहीं था और उन्होंने कप्तान और उसके सहायक को हिरासत में ले लिया है.
बहरीन के अधिकारियों का कहना है कि अभी यह कहना मुश्किल होगा कि नाव के डूबने की क्या वजह थी.
इस दुर्घटना में 16 देशों के नागरिक मारे गए हैं जिनमें 21 भारतीय और 13 ब्रितानी शामिल हैं.
इसके अलावा 67 लोगों को बचा लिया गया जबकि दो लोग अब भी लापता हैं. नाव पर लगभग 160 लोग सवार थे जबकि नाव की क्षमता सिर्फ़ 100 लोगों की थी.
दुर्घटना
नाव पर सवार अधिकतर यात्री एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए काम करनेवाले लोग थे जो रात्रिभोज के लिए निकले थे.
बहरीन स्थित भारतीय राजदूत बालकृष्ण शेट्टी ने बीबीसी न्यूज़ को बताया कि मारे गए भारतीयों में अधिकतर लोग वरिष्ठ पेशेवर लोग थे जो वहाँ वर्ल्ड ट्रेड सेंटर प्रोजेक्ट के लिए काम करने गए थे.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ये नाव तट से कोई एक मील दूर थी जब मुड़ते समय अचानक ये डूब गई.
बताया जा रहा है कि ये नाव बहरीन में शाम की सैर सपाटे पर थी. आमतौर पर इस तरह की सैर पर्यटकों के लिए होती है और ये सैर कई घंटे तक चलती है.
डूबने के समय ये नाव तट से लगभग एक मील की दूरी पर थी और क्षेत्र के सबसे बड़े अमरीकी नौसेनिक जहाज़ के बहुत क़रीब थी.
अमरीकी नौसेना की पाँचवीं फ़्लीट के प्रवक्ता कमांडर जेफ़ ब्रेसलो ने बताया,"हादसा तट से एक मील दूर हुआ और पता चलते ही हम 15-20 मिनट के भीतर ही दुर्घटनास्थल पर पहुँच गए."