शुक्रवार, 31 मार्च, 2006 को 09:08 GMT तक के समाचार
खाड़ी देश बहरीन के गृहमंत्रालय का कहना है कि वहाँ समुद्र में एक नाव के डूब जाने से 57 लोगों की मौत हो गई है.
मारे गए लोगों में 18 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. कुल मिलाकर 16 देशों के नागरिक मारे गए हैं.
बहरीन सरकार के अनुसार मारे गए लोगों में भारत, पाकिस्तान, ब्रिटेन, मिस्र, फ़िलीपींस और दक्षिण अफ़्रीका समेत 16 देशों के नागरिक शामिल हैं.
राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहा है और 63 लोगों को बचा लिया गया है. नाव पर लगभग 160 लोग सवार थे.
नाव पर सवार अधिकतर यात्री एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए काम करनेवाले लोग थे जो रात्रिभोज के लिए निकले थे.
बहरीन स्थित भारतीय राजदूत बालकृष्ण शेट्टी ने बीबीसी न्यूज़ को बताया कि मारे गए भारतीयों में अधिकतर लोग वरिष्ठ पेशेवर लोग थे जो वहाँ वर्ल्ड ट्रेड सेंटर प्रोजेक्ट के लिए काम करने गए थे.
कारण
मध्य पूर्व में मौजूद भारतीय समाचारपत्र द हिंदू के विशेष संवाददाता अतुल अनेजा ने बीबीसी हिंदी से एक बातचीत में बताया है कि दुर्घटना के कारणों की जाँच चल रही है और उसके बाद ही सही कारण का पता चल सकेगा.
लेकिन उनका कहना है कि यह दुर्घटना बोट की क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने के कारण हुई होगी, उनके अनुसार इस बोट पर 160 लोग सवार थे जबकि बोट की क्षमता सिर्फ़ 100 लोगों की थी.
बहरीन के अधिकारियों ने किसी तरह के आतंकवादी हमले की आशंका से इनकार किया है.
अतुल अनेजा ने भारतीय दूतावास के अधिकारियों के हवाले से बताया कि मृतकों के रिश्तेदारों को शव सौंपने का काम शनिवार को किया जाएगा.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ये नाव तट से कोई एक मील दूर थी जब मुड़ते समय अचानक ये डूब गई.
दुर्घटना
बताया जा रहा है कि ये नाव बहरीन में शाम की सैर सपाटे पर थी. आमतौर पर इस तरह की सैर पर्यटकों के लिए होती है और ये सैर कई घंटे तक चलती है.
डूबने के समय ये नाव तट से लगभग एक मील की दूरी पर थी और क्षेत्र के सबसे बड़े अमरीकी नौसेनिक जहाज़ के बहुत क़रीब थी.
अमरीकी नौसेना की पाँचवीं फ़्लीट के प्रवक्ता कमांडर जेफ़ ब्रेसलो ने बताया,"हादसा तट से एक मील दूर हुआ और पता चलते ही हम 15-20 मिनट के भीतर ही दुर्घटनास्थल पर पहुँच गए".
प्रत्यक्षदर्शी अब्द अली मोहम्मद हसन ने बीबीसी को बताया,"हमने इसे एक तरफ़ झुकते हुए देखा और नाव तुरंत ही डूब गई".