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बुधवार, 29 मार्च, 2006 को 22:28 GMT तक के समाचार

ओल्मर्ट ने हल की संभावना जताई

इसराइली चुनावों में सबसे ज़्यादा सीटें पाने वाली कदीमा पार्टी के नेता और कार्यवाहक प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि वे इसराइल की सीमा को स्थायी रूप देने के प्रयास करेंगे.

उनका ये भी कहना था कि यदि वे फ़लस्तीनी प्रशासन के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुँच पाए तो वे एकतरफ़ा कार्रवाई करने के लिए भी तैयार हैं.

इसराइल में कदीमा पार्टी को सबसे अधिक सीटें

चार महीने पहले अरियल शेरॉन की बनाई कदीमा पार्टी को मंगलवार को हुए चुनाव में सद की कुल 120 सीटों में से 28 सीटें मिलीं.

फ़लस्तीनी प्रतिक्रिया

उधर फ़लस्तीनी नेताओं ने इसराइली चुनाव के महत्व पर ठंडी प्रतिक्रिया दी है.

फ़लस्तानी नेता महमूद अब्बास का कहना था कि चुनाव के नतीजों से तब तक कुछ नहीं बदलेगा जब तक एहुद ओल्मर्ट इस समस्या पर एकतरफ़ा फ़ैसले करने का अपना निश्चय नहीं बदलते.

क्या कह रहे हैं इसराइल के अख़बार?

फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इसमाइल हानिया का कहना था कि उनके लोगों के लिए केवल यही महत्व रखता है कि कौन सी पार्टी येरूशलम राजधानी वाले उनके देश के अधिकार को मान्यता देती है.

गठबंधन पर बातचीत

उधर इसराइल के राष्ट्रपति मोशे कात्सव का कहना है कि नई गठबंधन सरकार बनाने के लिए बातचीत रविवार को शुरु होगी.

संसद में कुल 120 सीटों में से कदीमा पार्टी को सबसे अधिक 28 सीटें मिली जबकि दूसरे नंबर पर है मध्य-वामपंथी लेबर पार्टी रही जिसे 20 सीटें मिली.

अरियल शेरॉन की पुरानी दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी को करारा झटका लगा और केवल 11 सीटें मिल पाईं.

लेकिन इसराइल में गठबंधन सरकार बनाने के लिए अनौपचारिक बातचीत शुरु हो गई है.

ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि लेबर पार्टी और कुछ कम सीटें पाने वाली छोटी पार्टियाँ संभवत: गठबंधन में शामिल हो सकती हैं.

पर्यवेक्षकों का मानना है कि प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट को स्थिर सरकार बनाने में काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.