मंगलवार, 21 मार्च, 2006 को 13:22 GMT तक के समाचार
रूस और चीन ने गैस पाइपलाइन के एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत साइबेरिया से गैस चीन ले जाई जाएगी.
अधिकारियों ने बताया है कि अगले पाँच वर्षों के भीतर पाइपलाइन से सप्लाई शुरू हो जाएगी और हर वर्ष 80 अरब क्यूबिक मीटर गैस की सप्लाई होगी.
रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने अपनी चीन यात्रा के दौरान 15 आर्थिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं जिनमें से इसे सबसे अहम माना जा रहा है.
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक 90 सदस्यीय प्रतिनिधमंडल दो दिन की यात्रा पर चीन गया है.
लेकिन साइबेरिया से ही पेट्रोल की आपूर्ति के लिए एक अलग पाइपलाइन चीन तक ले जाने के समझौते पर सहमति नहीं हुई है, बीजिंग से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चीन इस समझौते को लेकर बहुत आशान्वित था.
रूसी सरकारी गैस कंपनी गैज़प्रॉम के प्रमुख एलेक्सी मिलर ने पत्रकारों को बताया कि गैस पाइपलाइन के पूरे होने की अवधि और उसकी क्षमता आदि के बारे में चीनी पक्ष से सहमति हो गई है.
बढ़ता सहयोग
गैस के अलावा दोनों पक्षों ने दूरसंचार और परिवहन के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया है.
चीन और रूस के बीच इतने बड़े पैमाने पर परस्पर सहयोग पहले कभी नहीं रहा और इसे एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है.
चीन रूस से हर वर्ष करोड़ों डॉलर के हथियार ख़रीदता है और इस वर्ष दोनों देश दूसरा साझा सैनिक अभ्यास भी करने जा रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता ने आगाह किया है कि संबंध बढ़ रहे हैं लेकिन अमरीका-चीन के बीच व्यापारिक संबंध कहीं अधिक बड़े हैं, रूस और चीन के बीच पिछले वर्ष 30 अरब डॉलर का कारोबार हुआ जो अमरीका-चीन कारोबार का दसवाँ हिस्सा भर है.
दोनों पक्षों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा की और कहा कि वे इस "विवाद को शांतिपूर्ण और कूटनीतिक तरीक़े से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं."