मंगलवार, 21 मार्च, 2006 को 19:41 GMT तक के समाचार
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि वर्ष 2003 के बाद से बर्ड फ़्लू के कारण दुनिया भर में 103 लोगों की मौत हो चुकी है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि बर्ड फ़्लू के एच5एन1 वायरस से मौत के ताज़ा मामले अज़रबैजान में सामने आए हैं.
अज़रबैजान में फ़रवरी के बाद से बर्ड फ़्लू के कारण पाँच लोग मारे जा चुके हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक अज़रबैजान में दो अन्य लोगों का परीक्षण किया गया है और उसके नतीजे सकारात्मक आए हैं.
संगठन के तथ्यों के अनुसार वियतनाम में बर्ड फ़्लू से 42, इंडोनेशिया में 22 और थाईलैंड में 14 लोगों की मौत हो चुकी है.
उत्परिवर्तन
एच5एन1 वायरस आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता लेकिन इसके म्यूटेशन यानि उत्परिवर्तन का डर जताया जा रहा है.
अमरीकी वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है कि एच5एन1 वायरस दो अलग विषाणुओं में बदल चुका है और इससे मनुष्यों के लिए खतरा बढ़ गया है.
अमरीका के बीमारी नियंत्रण केंद्र के दल ने कहा है कि एच5एन1 वायरस के दो अलग विषाणुओं में बदल जाने से, बर्ड फ़्लू के लिए दवा बनाने के शोध का काम और जटिल हो गया है.
वर्ष 2005 से पहले यही माना जा रहा था कि बर्ड फ़्लू एच5एन1 वायरस की एक ख़ास किस्म की उपजाति से होता है.
लेकिन नए परीक्षणों से पता चला है कि इंडोनेशिया में एच5एन1 वायरस की नई उपजाति सामने आई है.
अमरीका में अब एच5एन1 वायरस की दोनों उपजातियों से निपटने के लिए दवा पर काम चल रहा है.
वैज्ञानिकों को डर है कि एच5एन1 वायरस मनुष्य से मनुष्य में तेज़ी से फैल सकता है जिसके बाद बर्ड फ़्लू महामारी के रूप ले सकता है.