सोमवार, 20 मार्च, 2006 को 13:10 GMT तक के समाचार
इराक़ पर अमरीकी हमले की तीसरी बरसी पर अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ के नेताओं से मतभेद भुलाकर राष्ट्रीय सरकार बनाने का आह्वान किया है.
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि इराक़ में तैनात गठबंधन सेना और इराक़ी सेना चरमपंथियों के ख़िलाफ़ नई रणनीति अपना रही है और उसे सफलता भी मिल रही है.
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि नई रणनीति के तहत कस्बों और शहरों से चरमपंथियों को निकाला जा रहा है जिसके बाद इराक़ी सैनिक इन शहरों की सुरक्षा करते हैं.
जॉर्ज बुश ने कहा कि चरमपंथी लोगों को सिर्फ़ मौत और तबाही दे सकते हैं.
हिंसक घटनाएँ
इराक़ पर अमरीकी हमले की तीसरी बरसी वाले दिन इराक़ में हिंसा की घटनाएँ जारी रहीं.
अलग-अलग बम धमाकों में छह सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और कई लाशें मिली हैं जिन्हें जातीय हिंसा का शिकार माना जा रहा है.
पूरे इराक़ में सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी कड़ी है, ख़ास तौर पर करबला में इमाम हुसैन के चहल्लुम को देखते हुए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं.
राजधानी बग़दाद और अन्य स्थानों से कई लाशें मिली हैं. इन लाशों पर यातना के निशान थे.
लगातार जारी हिंसा के बीच इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री ने ईयाद अलावी ने कहा है कि देश गृह युद्ध की चपेट में है, अमरीका और ब्रिटेन अब तक की स्थिति को 'गृह युद्ध' मानने को तैयार नहीं हैं.
इराक़ में समारा में एक प्रमुख शिया तीर्थस्थल पर भीषण बम हमले के बाद से इराक़ में जातीय हिंसा की घटनाओं में बहुत तेज़ी आई है.
इसके अलावा राजनीतिक दलों में इराक़ में नई सरकार के गठन को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. नेताओं ने इस सिलसिले में चल रही बातचीत एक सप्ताह तक के लिए टाल दी है.