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रविवार, 19 मार्च, 2006 को 19:49 GMT तक के समाचार

तालाबानी ने 'बातचीत' का स्वागत किया

इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने अमरीका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाओं का स्वागत किया है.

ग़ौरतलब है कि ईरान ने इराक़ स्थिति पर बातचीत की पेशकश की थी लेकिन अमरीका ने इस पेशकश पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम विवाद पर से ध्यान बँटाने के लिए ऐसा कर रहा है.

इराक़ी राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने रविवार को कहा कि अगर अमरीका और ईरान अपने मतभेद एक तरफ़ रखकर इराक़ मुद्दे पर बातचीत कर सकें तो इससे इराक़ियों को बहुत बड़ा फ़ायदा हो सकता है.

तालाबानी ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि समारा में शिया मज़ार परिसर पर फ़रवरी में हुए हमले के बाद भड़की हिंसा ने देश को गृह युद्ध के कगार पर ला खड़ा कर दिया था.

लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अब यह ख़तरा टल गया है और चूँकि सभी राजनीतिक दलों के नेता और गुट एक साथ मिलकर लोगों को साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं इसलिए ख़तरा काफ़ी कम हो गया है.

ग़ौरतलब है कि इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा था कि देश में पहले से ही गृह युद्ध शुरू हो चुका है जो देश का बँटवारा कर सकता है लेकिन तालाबानी ने इस बात से सहमति व्यक्त नहीं की.

ईयाद अलावी ने कहा कि अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन की ग़लतियों की वजह से ऐसे हालात पैदा हो गए हैं कि देश में जातीय हिंसा भड़क उठी है और जातीय नरसंहार आम बात हो गई हैं.

बग़दाद में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बहुत से लोग अलावी के इस बयान को राजनीतिक हथकंडा मानते हैं लेकिन इसमें भी कोई शक नहीं है कि इराक़ में जातीय हिंसा रोज़ाना की वास्तविकता बन गई है.