रविवार, 19 मार्च, 2006 को 16:20 GMT तक के समाचार
इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा है कि देश में इस समय गृह युद्ध चल रहा है जबकि अमरीका और ब्रिटेन इससे इनकार करते रहे हैं.
ईयाद अलावी ने कहा कि इराक़ में जारी जातीय हिंसा को गृह युद्ध के तौर पर ही देखा जा सकता है.
बीबीसी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "अगर ये गृह युद्ध नहीं है, तो ख़ुदा जाने कि गृह युद्ध क्या होता है."
उधर ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन रीड ने शनिवार को दोहराया है कि 'आतंकवादी इराक़ को गृह युद्ध की ओर ले जाने में विफल रहे हैं.'
इराक़ यात्रा के दौरान उन्होंने कहा है कि वहाँ सुरक्षा की स्थिति धीरे-धीरे मज़बूत होती जा रही है और स्थिति क़ाबू में है.
दुर्भाग्यजनक
ईयाद अलावी इस समय शिया और सुन्नी के एक धर्मनिरपेक्ष गठबंधन के नेता हैं.
उनका कहना था कि हालाँकि इराक़ एक राजनीतिक समाधान की ओर आगे बढ़ रहा है लेकिन देश की समस्या को कम करके आँकना ग़लती होगी.
ईयाद अलावी ने कहा कि उन्होंने बग़ावत की स्थिति में सेना को भंग किए जाने से पैदा होने वाले शून्य को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी.
उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यजनक है कि हम गृह युद्ध झेल रहे हैं और ज़्यादा नहीं तो हर रोज़ देश भर में 50 से 60 लोगों की जानें गवाँ रहे हैं."
उनका कहना था, "अगर ये गृह युद्ध नहीं है, तो ख़ुदा जाने कि गृह युद्ध क्या होता है."
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि हो सकता है कि राष्ट्रीय सरकार ही इराक़ की समस्या का कोई हल न हो.
उनका कहना था कि अलगाववाद इस तरह फैल रहा है कि हो सकता है कि इराक़ कभी अपनी पुरानी स्थिति में न लौट सके.
नियंत्रण का दावा
उधर ब्रिटेन के रक्षा मंत्री रीड ने दावा किया है कि इराक़ नियंत्रण में है.
उन्होंने ईयाद अलावी के उलट कहा, "न तो गृह युद्ध है और न ऐसा होने की कोई अपरिहार्य स्थिति ही है."
उन्होंने कहा, "इराक़ में राष्ट्रीय सरकार की स्थापना ही इस बात के संकेत हैं कि आतंकवादी इराक़ी को इराक़ी से अलग करने में सफल नहीं रहे हैं."
उल्लेखनीय है कि इराक़ में पिछले कुछ समय से शिया और सुन्नी समुदाय के बीच झड़पें तेज़ हुई हैं.
फ़रवरी में समारा में एक महत्वपूर्ण शिया मस्जिद पर हुए हमले के बाद से विश्वेषक ये चर्चा करने लगे हैं कि इराक़ में गृह युद्ध की स्थिति तो नहीं है.