शनिवार, 18 मार्च, 2006 को 21:58 GMT तक के समाचार
फ्रांस में नए विवादास्पद श्रम क़ानून के विरोध में लाखों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया है.
प्रधानमंत्री डोमिनीक द विलेपाँ की सरकार पर दबाव पड़ रहा है वह 26 साल से कम उम्र के लोगों पर लागू होने वाला वह प्रावधान वापस ले ले जिसमें व्यवस्था है कि उन्हें नौकरी शुरू करने के पहले दो साल में बिना कोई नोटिस दिए हुए बर्ख़ास्त किया जा सकता है.
राजधानी पेरिस में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है और कहीं से किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है.
यूनियन नेताओं ने दावा किया है इन प्रदर्शनों में लगभग तीन लाख लोगों ने पेरिस में रैली में हिस्सा लिया और देश भर में लगभग दस लाख लोगों ने प्रदर्शन किया.
राजधानी पेरिस में रैलियों में भाग लेने वालों में छात्र, मज़दूर, पेंशनभोगी, परिवार वग़ैरा सभी लोग थे और रैलियाँ आमतौर पर शांतिपूर्ण रहीं.
प्रदर्शनकारियों की माँग है कि प्रधानमंत्री विलेपाँ विवादास्पद श्रम प्रावधान को वापिस लें जबकि विलेपाँ का कहना है कि युवाओं में बेरोज़गारी को कम करने के लिए यह बहुत ज़रूरी है लेकिन मज़दूर यूनियनों का कहना है कि यह प्रावधान कड़े संघर्ष के बाद हासिल किए गए मज़दूर क़ानूनों का दमन है.
शुक्रवार को हुए एक जनतम-सर्वेक्षण के नतीजों में बताया गया है कि लगभग 80 प्रतिशत लोग इस रोज़गार प्रावधान को वापिस लिया जाए लेकिन प्रधानमंत्री विलेपाँ ने फ़िलहाल तो इससे इनकार कर दिया है.