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इराक़ युद्ध की बरसी पर प्रदर्शन

अमरीका के नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के इराक़ पर हुए हमले की तीसरी बरसी के मौक़े पर अनेक देशों में प्रदर्शन हो रहे हैं.

शनिवार को लंदन में पुलिस ने कहा है कि इराक़ से ब्रितानी सेनाओं को वापिस बुलाने की माँग करते हुए हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया.

पुलिस ने कहा है कि मशहूर ट्रफ़लगर स्क्वायर में लगभग 15 हज़ार प्रदर्शनकारियों ने हिस्सा लिया जबकि आयोजकों ने रैली में आए प्रदर्शनकारियों की संख्या 80 हज़ार से एक लाख के बीच बताई है.

इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन 'युद्ध के ख़िलाफ़ गठबंधन', सीएनडी और मुस्लिम एसोसिएशन ऑफ़ ब्रिटेन ने मिलकर किया था.

इराक़ में अमरीकी और ब्रितानी सेनाओं की मौजूदगी के ख़िलाफ़ अन्य देशों में भी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई जा रही है जिनमें बग़दाद भी शामिल है.

इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा, न्यूयॉर्क, मेड्रिड, रोम, सिडनी, टोकियो, टोरंटो और डबलिन में भी प्रदर्शन निकालने की तैयारियाँ की जा रही हैं.

आयोजकों ने कहा है कि यह पहला मौक़ा है कि अमरीका, ब्रिटेन और इराक़ में मिले-जुले रूप से विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे.

लंदन में प्रदर्शन

लंदन में लेबर पार्टी के सांसद जेरेमी कोर्बिन और जॉन मैक्डोनेल, यूनियन नेता मार्क सरवोत्का और बिल हेयज़ ने हिस्सा लिया, साथ ही उन सैन्य परिवारों ने भी हिस्सा लिया जिनके संबंधी इराक़ युद्ध में मारे गए हैं.

'युद्ध के ख़िलाफ़ गठबंधन' की संयोजक लिंडसी जर्मन ने कहा, "हमारा मानना है कि इराक़ पर ग़ैरक़ानूनी रूप से किए गए हमले से जो संकट पैदा हुआ है उसका शांतिपूर्ण हल तभी निकल सकता है जब इराक़ में मौजूद तमाम विदेशी सेनाएँ हट जाएँ और इराक़ी लोग अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में फ़ैसला करने के लिए स्वतंत्र हों."

परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए अभियान यानी सीएनडी की अध्यक्ष केट हडसन का कहना था, "ईरान पर हमले के ख़तरे से गंभीर चिंता पैदा हो रही है."

उन्होंने कहा कि अमरीका ईरान में परमाणु हथियार कार्यक्रम चलाए जाने के बारे में आरोप लगा रहा है लेकिन इस बारे में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए हैं.

केट हडसन ने कहा, "ये आरोप ठीक उसी तरह के झूठे आरोपों जैसे हैं जो 2003 में इराक़ पर हमला करने के लिए बताए गए थे."

उन्होंने कहा कि सरकार को आम लोगों की बात अवश्य सुननी चाहिए जो इराक़ से सैनिकों की वापसी और ईरान का मुद्दा भी शांतिपूर्ण और राजनयिक तरीके से हल करने की माँग कर रहे हैं.