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शुक्रवार, 17 मार्च, 2006 को 20:00 GMT तक के समाचार

फ़तह नहीं शामिल होगा हमास की सरकार में

फ़लस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास की फ़तह पार्टी ने चरमपंथी गुट हमास की नई सरकार में शामिल होने से मना कर दिया है.

फ़तह के प्रवक्ता अज़्ज़म-अल-अहमद ने कहा है कि हमास के राजनीतिक कार्यक्रम के बारे में कई हफ़्ते तक बातचीत चली लेकिन उसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला.

जनवरी में हुए चुनाव में हमास ने विजय पाकर सबको हैरत में डाल दिया था.

चुनाव में हार जानेवाली सत्ताधारी फ़तह पार्टी ये चाहती थी कि हमास इसराइल के साथ हुए फ़लस्तीनियों के समझौतों को मान्यता दे.

मगर हमास ने ये कहते हुए इसे ठुकरा दिया कि अगर ऐसा हुआ तो ये फ़लस्तीनियों की भूमि पर इसराइली कब्ज़े को स्वीकार कर लेने जैसा होगा.

समझा जा रहा है कि हमास शनिवार को महमूद अब्बास को अपने मंत्रियों की सूची सौंप सकता है.

हमास ने जनवरी में हुए फ़लस्तीनी चुनाव में फ़लस्तीनी संसद की 132 में से 74 सीटों पर जीत हासिल की थी.

बड़ी चुनौती

फ़तह पार्टी की स्थापना यासिर अराफ़ात ने की थी और कई दशकों तक फ़लस्तीनी राजनीति पर इसका प्रभाव रहा है.

गज़ा स्थित बीबीसी संवाददाता एलेन जॉन्स्टन का कहना है कि हमास के नेतृत्व में बननेवाली किसी सरकार में यदि फ़तह शामिल नहीं होता है तो इससे हमास के लिए चुनौती और कठिन हो जाएगी.

फ़तह के शामिल होने की स्थिति में उसके मंत्रियों के माध्यम से इसराइल और पश्चिमी देशों के साथ वार्ता की जा सकती थी.

इसराइल, यूरोपीय देश और अमरीका हमास को एक आतंकवादी गुट मानते हैं और ऐसे में उनके लिए हमास की सरकार से कोई संबंध रखना मुश्किल होगा.

इसके अतिरिक्त बीबीसी संवाददाता का कहना है कि फ़लस्तीनी समाज में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ हमास के अनुसार सुधार की आवश्यकता है.

इस कारण से भी फ़तह के सरकार में शामिल होने से हमास के लिए आसानी होती क्योंकि उसके साथ होने से सुधार करना आसान होता.