गुरुवार, 16 मार्च, 2006 को 17:45 GMT तक के समाचार
अमरीका ने कहा है कि बग़दाद स्थित उसके राजदूत जल्मे खलीलजाद इराक़ की स्थिति के बारे में ईरान के अधिकारियों से बातचीत करेंगे.
अमरीका और ईरान के अधिकारियों के बीच 1979 के बाद से पहली बार किसी तरह की कोई बातचीत होगी.
मगर अमरीका ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत केवल इराक़ के संबंध में होगी.
अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैक्लेलन ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा एक अलग मुद्दा है.
1979 में तेहरान में बंधक संकट के बाद से अमरीका और ईरान के बीच कूटनीतिक संबंध समाप्त हो गए थे.
ईरान तैयार
ईरान के परमाणु वार्ताकार अली लरिजानी ने कहा है कि ईरान सरकार इराक़ मुद्दे के हल के लिए बातचीत के लिए अमरीका के साथ बातचीत का फ़ैसला किया है.
वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि इससे पहले ईरान ने अमरीका की ओर से आए ऐसे प्रस्तावों को ठुकरा दिया था लेकिन वो अब इसके लिए राज़ी हो गई है.
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस बार ये आग्रह एक वरिष्ठ इराक़ी शिया राजनेता अब्दुल अज़ीज़ हकीम की ओर से आया है.
मगर लरिजानी ने ये नहीं बताया कि बातचीत कब होगी और किस स्तर पर होगी.
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अमरीका बार-बार ईरान पर इराक़ में चरमपंथियों की सहायता करने का आरोप लगाता रहा है.
जहाँ तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम की बात है तो संयुक्त राष्ट्र की संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने पिछले सप्ताह ईरान के मुद्दे को सुरक्षा परिषद में भेजने का फ़ैसला किया.
सुरक्षा परिषद में इस बारे में इस सप्ताह विचार शुरू होगा और परिषद चाहे तो वह ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगा सकता है.