रविवार, 12 मार्च, 2006 को 03:28 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी संगठन हमास ने दावा किया है कि उसके चुनाव जीतने के बाद फ़लस्तीनी प्रशासन को सहायता रोकने की अमरीका और यूरोपीय संघ की धमकियों के माहौल में सऊदी अरब ने शानदार सहयोग देने का वादा किया है.
हमास नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी सरकार के लिए दुनिया भर में राजनीतिक और वित्तीय समर्थन जुटाने के अगले चरण में रियाद का दौरा कर रहा है.
सऊदी अरब फ़लस्तीनी प्रशासन को परंपरागत रूप से काफ़ी ठोस सहायता देने वाले देशों में शामिल रहा है.
हालाँकि हमास के इस ताज़ा दावे के बारे में सऊदी अरब की तरफ़ कोई पुष्टि नहीं आई है.
हमास के प्रतिनिधिमंडल में निर्वासित नेता ख़ालिद भी शामिल थे जिन्होंने सऊदी अरब के विदेश मंत्री सऊद अल फ़ैसल और प्रिंस मुक़रिन बिन अब्दुल अज़ीज़ से बातचीत की. अब्दुल अज़ीज़ सऊदी अरब की ख़ुफ़िया सेवा के प्रमुख भी हैं.
प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य इज़्ज़त अल रिशेक ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को रियाद में बताया, "उन्होंने पुष्टि की है कि फ़लस्तीनी लोगों और प्रशासन को उनका राजनीतिक और वित्तीय समर्थन जारी रहेगा. हम नंबरों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहते हैं लेकिन उन्होंने शानदार सहायता का वादा किया है."
इससे पहले सऊदी अरब ने अमरीका के इस अनुरोध का ठुकरा दिया था कि वह हमास से नाता तोड़ ले क्योंकि हमास इसराइल के अस्तित्व को नहीं मानता.
प्रिंस फ़ैसल ने कहा, "एक सरकार के रूप में हमास फ़लस्तीनी लोगों के हितों का प्रतिनिधित्व करेंगे और हम इंतज़ार कर रहे हैं कि वे फ़लस्तीनी आंदोलन को किस तरह का नेतृत्व दिखाने जा रहे हैं."
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वे हमास के सामने पर कोई शर्तें नहीं रख रहे हैं.
यूरोपीय संघ ने गत शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि अगर हमास इसराइल को मान्यता नहीं देता है और उसके ख़िलाफ़ हिंसा को नहीं रोकते है तो हमास की सरकार वाले फ़लस्तीनी प्रशासन को आर्थिक सहायता रोक दी जाएगी.