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शुक्रवार, 10 मार्च, 2006 को 00:17 GMT तक के समाचार

ईरान से सबसे अधिक ख़तरा हैःराइस

अमरीकी विदेश मंत्री कॉन्डोलिज़ा राइस ने कहा है कि अमरीका के लिए ईरान 'सबसे बड़ा ख़तरा' बन सकता है.

उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने पर अड़ा हुआ है, उन्होंने ईरान को मध्य पूर्व में आतंकवाद का 'सेंट्रल बैंकर' और लोकतंत्र के लिए बाधा बताया है.

राइस ने कहा, "हमें दुनिया में किसी एक देश से इतना ख़तरा नहीं है जितना ईरान से है."

इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर पड़ रहे दबाव का कड़ा प्रतिकार करते हुए कहा कि पश्चिमी देशों ने अगर कोई कार्रवाई की तो उन्हें इसका परिणाम झेलना होगा.

राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने कहा कि पश्चिमी देश अपनी 'धौंस और क्रूरता' के बूते ईरान को परमाणु अधिकार छोड़ने पर बाध्य नहीं कर सकते.

इस बीच अमरीका ने कहा है कि ईरान पर दबाव बनाए रखने की नीति जारी रहेगी.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम की रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजने का फैसला पहले ही कर लिया है.

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "पश्चिमी देश जानते हैं कि वे ईरान को नुक़सान नहीं पहुँचा सकते क्योंकि उन्हें भी ईरान की ज़रूरत है."

महमूद अहमदीनेजाद ने कहा, "उनका ज़्यादा नुक़सान होगा और वे असुरक्षित हैं," लेकिन उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि उनकी बात का आशय क्या है.

अमरीका

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बोल्टन ने ईरान पर दबाव बनाए रखने की बात की और कहा कि ईरान के अड़ियल रूख़ को देखते हुए यह मामला गंभीर होता जा रहा है.

लेकिन रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लवारोफ़ ने कहा कि आईएईए समस्या का हल निकालने का प्रयास करता रहेगा.

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाना कारगर तरीक़ा नहीं होगा.

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाने से समस्या का हल होगा, हाल के वर्षों में हमने कभी ऐसा उदाहरण नहीं देखा कि प्रतिबंध से समस्या का हल हुआ हो."

पश्चिमी देशों ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह गुपचुप तरीक़े से परमाणु हथियार बनाना चाहता है जबकि ईरान कहता रहा है कि उसका उद्देश्य परमाणु ऊर्जा तैयार करना है.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक अगले सप्ताह होनी है.