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रविवार, 05 मार्च, 2006 को 20:34 GMT तक के समाचार

'हमें अल क़ायदा की सलाह नहीं चाहिए'

फ़लस्तीनी संगठन हमास के प्रतिनिधियों ने अल क़ायदा के उपनेता अयमन अल ज़वाहिरी की इस माँग को ख़ारिज कर दिया है कि हमास उन सभी समझौतों को नकार दे जो फ़लस्तीनी प्रशासन और इसराइल के बीच अब तक किए गए हैं.

अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा पर प्रसारित वीडियो में ज़वाहिरी ने फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की जीत का समर्थन करते हुए उससे कहा है कि वह फ़लस्तीनी प्राधिकरण और इसराइल के बीच हुए समझौतों को नकार दे.

हमास के राजनीतिक मामलों के नेता ख़ालिद मेशाल ने कहा कि हमास का अपना वैचारिक दृष्टिकोण है और उसे अल क़ायदा की सलाह की ज़रूरत नहीं है.

मेशाल ने ज़वाहिरी के टेप बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मॉस्को में यह बात कही. वह रूसी नेताओं के साथ बातचीत के लिए मॉस्को में थे.

मेशाल ने कहा, "हमास हमेशा ही फ़लस्तीनी लोगों के हितों के लिए काम करता है और अपनी रणनीति में सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श के बाद ही कोई बदलाव करता है. "

फ़लस्तीनी संसद के लिए चुने गए हमास के एक सदस्य डॉक्टर महमूद रमाही ने इससे पहले कहा था कि उनका दल अल क़ायदा के प्रभाव में नहीं आने वाला.

डॉक्टर रमाही ने हमास और अल क़ायदा के बीच फ़र्क बताते हुए कहा कि हमास ने 11 सितंबर 2001 को अमरीका, मार्च 2003 में मैड्रिड और जुलाई 2005 को लंदन में हुए बम धमाकों की की निंदा की थी.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हमास लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से सरकार चलाने के लिए संकल्पबद्ध है.

डॉक्टर रमाही ने कहा कि हमास अपना लक्ष्य शांतिपूर्ण तरीकों से हासिल करने के लिए समर्पित है और हथियारों का सहारा लेना अंतिम उपाय है.

'धोखा'

ज़वाहिरी ने पिछले वर्षों में फ़लस्तीनी प्रधिकरण की बागडोर संभालने वालों पर धोखे का आरोप लगाया है.

वीडियो में उन्होंने कहा, "किसी भी फ़लस्तीनी को अपनी भूमि का चप्पा भी देने का अधिकार नहीं है. फ़लस्तीनी प्राधिकरण में धर्मनिरपेक्ष लोगों ने सस्ते में फ़लस्तीनियों को बेच दिया है...उन्हें जायज़ ठहराना इस्लाम के ख़िलाफ़ है."

ज़वाहिरी ने हमास के अनुरोध किया है कि वह सशस्त्र संघर्ष जारी रखे और 'हथियार डालने वाले समझौतों' को रद्द कर दे.

कार्टून मुद्दा

ग़ौरतलब है कि एक ताज़ा वीडियो में अयमन अल ज़वाहिरी ने पैगंबर मोहम्मद पर कार्टून बनाए जाने को लेकर पश्चिमी देशों की आलोचना भी की है.

उन्होंने मुसलमानों से उन देशों का बहिष्कार करने का अनुरोध किया है जहाँ पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापे गए हैं.

ज़वाहिरी ने मुसलमानों से पश्चिमी देशों के आर्थिक ढ़ाँचे पर हमले करने की बात कही है.

कार्टून विवाद पर ज़वाहिरी का कहना है, "उन्होंने ये जानबूझकर किया है और अब भी माफ़ी माँगने की जगह वे ये कर रहे हैं. कोई भी यहूदियों को नुकसान पहुँचाने की बात नहीं करता या फिर यहूदी नरसंहार के दावों पर सवाल नहीं उठाता."

उन्होंने पश्चिमी देशों और पश्चिम समर्थित मुस्लिम सरकारों जैसे सऊदी अरब, जॉर्डन, पाकिस्तान और ट्यूनिशिया पर हमले करने की बात कही है.