रविवार, 05 मार्च, 2006 को 05:57 GMT तक के समाचार
चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने देश में अमीरी-ग़रीबी के बीच बढ़ती खाई को पाटने की कोशिश करने और गाँवों की तरफ़ ज़्यादा ध्यान देने का वादा किया है.
उन्होंने कहा कि अमीर शहरों और ग़रीब गाँवों में अंतर घटाने के और प्रयास किए जाएँगे.
वेन जियाबाओ चीनी संसद के वार्षिक सत्र की बैठक में बोल रहे थे.
जियाबाओ ने तीन हज़ार प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत ढ़ाँचे पर ख़र्च में भारी वृद्धि होगी.
उन्होंने माना कि ग्रामीण इलाक़े में आमदनी घट रही है और विकास के लिए भूमि लिए जाने से लोग नाराज़ और असंतुष्ट हैं.
चीनी प्रधानमंत्री ने कहा कि गाँवों पर ध्यान देने के लिए सरकार वहाँ के मूलभूत ढाँचे के सुधारने के लिए लगभग पाँच अरब डॉलर ख़र्च करेगी.
सामाजिक समस्याएँ
जियाबाओ ने कहा, “ हमारी सफलताओं को देखने के साथ साथ हमें ये भी देखना होगा कि हमारी अर्थव्यवस्था और समाज में कई दिक्कतें हैं. खाद्यान्न का उत्पादन कम हो रहा है, गाँवों में लोगों की आय कम है और खेती की ज़मीन भी कम हो रही है”
उन्होंने कहा कि सरकार अगले दो साल के अंदर गाँवों में रह रहे हर बच्चे को पढ़ने की सुविधा मुहैया कराने की कोशिश करेगी.
लेकिन जहाँ चीन के प्रधानमंत्री ने ये वादे किये वहीं खेती की ज़मीन पर मालिकाना हक़ देने की किसानों की माँग के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा.
उन्होंने इस साल चीन की अर्थव्यवस्था की विकास दर आठ प्रतिशत रह जाने की संभावना व्यक्त की, जो कि विश्व बैंक के आकलन 9.2 प्रतिशत से बहुत कम है.
जियाबाओ ने विकास दर घटने के कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार सरकार ख़ुद कुछ समय से अर्थव्यवस्था बढ़ने की दर को नियंत्रित करने की कोशिश करती रही है ताकि मुद्रास्फीति और अन्य वित्तीय समस्याओं पर काबू रखा जा सके.