शुक्रवार, 03 मार्च, 2006 को 08:51 GMT तक के समाचार
इराक़ में जारी शिया-सुन्नी हिंसा पर क़ाबू पाने के प्रयासों के तहत राजधानी बग़दाद में शुक्रवार को दिन का कर्फ़्यू लगाया गया है.
पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि वह ऐसे किसी भी वाहन को पकड़ ले जो कर्फ़्यू को तोड़ता हुआ पाया जाता है.
हालाँकि वाहनों के आवागमन पर पाबंदी लगाई गई है लेकिन लोगों को शुक्रवार की नमाज़ के लिए आने-जाने की इजाज़त दी गई है.
ख़ासतौर से शुक्रवार की नमाज़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतज़ाम किए जा रहे हैं. रात का कर्फ़्यू तो पहले से ही चल रहा है.
प्रधानमंत्री इब्राहीम जाफ़री ने कहा है कि उन्होंने दिन का कर्फ़्यू लगाने के आदेश इसलिए दिए हैं क्योंकि हमारा प्यारा देश बहुत ही नाज़ुक सुरक्षा हालात से गुज़र रहा है.
प्रधानमंत्री जाफ़री ने मस्जिदों के इमामों से गुज़ारिश की है कि वे जुमे की नमाज़ के दौरान ख़ुतबों में 'भड़काऊ' भाषा का इस्तेमाल नहीं करें और अगर किसी को हिंसा को बढ़ावा देते हुए पाया गया तो सख़्त कार्रवाई की जा सकती है.
इससे पहले गुरूवार को भी देश भर में कई स्थानों पर हिंसा हुई जिसमें 30 से ज़्यादा लोग मारे गए.
22 फ़रवरी को समारा में एक शिया मज़ार परिसर पर हुए बम हमले के बाद से शिया-सुन्नी हिंसा भड़क उठी थी जिसमें अब तक 400 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है.