मंगलवार, 28 फ़रवरी, 2006 को 22:43 GMT तक के समाचार
बर्ड फ़्लू के एच5एन1 वायरस के चलते जर्मनी में एक पालतू बिल्ली की मौत हो गई है.
एच5एन1 वायरस के कारण किसी स्तनधारी जीव की मौत का यूरोपीय संघ में ये पहला मामला है.
जिस जगह पर बिल्ली को मृत पाया गया वहाँ कई पक्षी एच5एन1 वायरस से संक्रमित हैं.
जर्मनी में एक प्रयोगशाला के अधिकारियों ने बिल्ली में एच5एन1 वायरस होने की पुष्टि की है. पर वे इस बात की जाँच कर रहे हैं कि क्या बिल्ली में पाया गया वायरस और पक्षियों में पाया गया वायरस बिल्कुल एक जैसा है.
माना जा रहा है संक्रमित पक्षियों को खाने से बिल्लियों में बर्ड फ़्लू हो सकता है.
पिछले साल अगस्त में वियतनाम में तीन बिल्लियों की बर्ड फ़्लू के कारण मौत हो गई थी. अक्तूबर 2004 में थाईलैंड में बर्ड फ़्लू फैलने के बाद एक चिड़ियाघर में कई बाघों की मौत हो गई.
अब तक बिल्लियों से मनुष्य में बर्ड फ़्लू फैलने के मामले सामने नहीं आए हैं. लेकिन जर्मन बिल्ली को बर्ड फ़्लू होने के बाद, एक प्रजाति से दूसरी प्रजाति में बर्ड फ़्लू फैलने को लेकर चिंता पैदा हो गई है.
बैठक
उधर स्वीडन में कृषि मंत्रालय ने कहा है कि वहाँ दो बत्तखों में एच5 वायरस का एक रूप पाया गया है जिससे सिर्फ़ पक्षियों की ही मौत होती है.
अभी जाँच चल रही है कि ये एच5एन1 वायरस है या नहीं.
कृषि मंत्रालय का कहना है कि उसे शक है कि बत्तखों में एच5एन1 वायरस होगा जिससे मनुष्यों की भी मौत हो सकती है.
पशु पालन विश्व संगठन के पेरिस मुख्यालय पर यूरोप, ईरान और कुवैत के अधिकारियों की बैठक हुई है.
बैठक में इस मुद्दे पर बात हुई कि बर्ड फ़्लू फैलने के बाद उठाए जाने वालों क़दमों को लेकर कैसे इन देशों में समन्वय बिठाया जाए.
एच5एन1 वायरस से अभी मनुष्यों को ख़तरा नहीं है लेकिन विशेषज्ञों को डर है कि इस वायरस का उत्परिवर्तन हो सकता है और फिर ये महामारी को रूप ले सकता है.