सोमवार, 27 फ़रवरी, 2006 को 20:08 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी क्षेत्रों में सरकार बनाने जा रहे फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने फ़लस्तीनियों को आर्थिक सहायता जारी रखने के यूरोपीय संघ के फ़ैसले का स्वागत किया है.
हमास ने इस फैसले को अमरीका और इसराइल के उन प्रयासों के लिए एक धक्का बताया है जिसके तहत फ़लस्तीनीयों की आर्थिक सहायता रोके जाने की कोशिश हो रही थी.
फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की जीत के बाद से फ़लस्तीनियों को आर्थिक सहायता जारी रखने पर अंतरराष्ट्रीय जगत में भारी बहस चल रही थी.
लेकिन यूरोपीय संघ ने कल फ़लस्तीनी लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं के लिए 14 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की.
यूरोपीय संघ ने कहा कि यह राशि फ़लस्तीनी प्रशासन के अति-आवश्यक कामों के लिए है जिससे उसका दो महीने का ख़र्च निकल आएगा.
हमास को अमरीका और ज़्यादातर यूरोपीय देश आतंकवादी संगठन की श्रेणी में रखते हैं और हमास ने भी इसराइल के अस्तित्व को मान्यता देने से इनकार कर दिया है.
फ़लस्तीनी चुनावों में हमास की जीत के बाद इसराइल ने पाँच करोड़ डॉलर की राशि बंद कर देने की घोषणा कर दी, यह राशि फ़लस्तीनियों को राजस्व और सीमा शुल्क में उनके हिस्से के रूप में मिलती थी.
यूरोपीय संघ का कहना है कि इसमें से ज्यादातर रक़म संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के ज़रिए दी जाएगी और इसका उपयोग निर्धन फ़लस्तीनी इलाक़ों में किया जाएगा.
यूरोपीय सहायता का इस्तेमाल बिजली का बिल भरने और अधिकारियों का वेतन देने के लिए भी किया जाएगा.
फ़लस्तीनी चुनाव के बाद से यह पहला मौक़ा है जब यूरोपीय संघ ने आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
फ़लस्तीनियों के आर्थिक सहायता देने वाली शक्तियों का कहना है कि हमास को इसराइल के प्रति अपनी नीतियों में बदलाव लाना चाहिए और उसके अस्तित्व को स्वीकार करना चाहिए, हमास इससे यह कहते हुए इनकार करता है कि जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए.