शनिवार, 25 फ़रवरी, 2006 को 11:17 GMT तक के समाचार
इराक़ के कई इलाक़ों में कर्फ़्यू के बावजूद हिंसा का दौर जारी है. शनिवार को अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 36 लोग मारे गए हैं.
दक्षिणी बग़दाद से 14 इराक़ी कमांडो के शव मिले हैं. जबकि शियाओं के पवित्र शहर करबला में एक कार बम धमाके में कम से कम आठ लोग मारे गए.
बक़ूबा में एक ही परिवार के 12 लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई. जबकि दो लोग उस समय मारे गए जब एक टीवी पत्रकार के जनाज़े पर हमला किया गया.
बुधवार को समारा की अल अस्करी मज़ार पर हमले के बाद जातीय हिंसा शुरू हो गई थी. उसके बाद से अभी तक इराक़ में क़रीब 165 लोग मारे जा चुके हैं.
जातीय हिंसा के बाद इराक़ की राजधानी बग़दाद और आसपास के तीन राज्यों में कर्फ़्यू लगाया गया है. इन इलाक़ों में दूकानें और दफ़्तर बंद हैं. साथ ही कोई अख़बार भी प्रकाशित नहीं हो रहा है.
बीबीसी संवाददाता जॉन ब्रेन ने ख़बर दी है कि करबला में हुए कार बम धमाके में कम से कम आठ लोग मारे गए हैं और 30 से ज़्यादा घायल हुए हैं.
हत्या
जबकि बक़ूबा में हथियाबंद लोगों ने एक ही परिवार के 12 लोगों को गोली मार दी. करबला शिया मुसलमानों का पवित्र शहर है और बीबीसी संवाददाता के अनुसार इस हमले को भी भड़काऊ माना जा रहा है.
करबला शहर के एक व्यस्त इलाक़े में यह कार बम धमाका हुआ. कार में रखे गए बम में रिमोट कंट्रोल से विस्फोट किया गया.
राजधानी बग़दाद अपेक्षाकृत शांत है लेकिन वहाँ अभी दिन का कर्फ़्यू चल रहा है. लेकिन शहर के बाहरी छोर पर शिया विद्रोहियों और सुन्नियों के बीच गोलीबारी की ख़बर है.
इराक़ की सरकार ने अल अस्करी मज़ार का दोबारा निर्माण कराने का वादा किया है. लेकिन हिंसा को देखते हुए अधिकारियों ने राजधानी बग़दाद के साथ-साथ दियाला, बाबिल और सलाहुद्दीन प्रांतों में कर्फ़्यू जारी रखने का फ़ैसला किया है.
प्रधानमंत्री इब्राहिम अल जाफ़री ने प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाने की घोषणा की है. साथ ही सार्वजनिक रूप से हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.