शनिवार, 25 फ़रवरी, 2006 को 07:11 GMT तक के समाचार
फ़्रांस ने इस बात की पुष्टि की है कि वहाँ के एक फ़ार्म में बर्ड फ़्लू का खतरनाक एच5एन1 वायरस पाया गया है.
फ्रांस में एक सरकारी बयान में इस बात की पुष्टि की गई है कि आंग इलाक़े में जिस पक्षी की मौत हुई थी, उसमें एच5एन1 वायरस मिला है.
फ़ॉर्म में करीब ग्यारह हज़ार पक्षी थे जिसमें से करीब 80 प्रतिशत की पिछले एक हफ़्ते में मौत हो चुकी है और बाकी को मार दिया गया है.
ये पहली बार है जब यूरोपीय संघ में किसी देश के फ़ॉर्म में एच5एन1 वायरस पाया गया है.
इस बीच इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक वहाँ बर्ड फ़्लू के चलते एक महिला की मौत हो गई है. बर्ड फ़्लू के चलते इंडोनेशिया में ये बीसवीं मौत है.
पोल्ट्री उद्योग
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि फ़्रांस का पोल्ट्री उद्योग एच5एन1 वायरस पाए जाने की बात को लेकर आशंकित था.
जिस फ़ॉर्म के पक्षी में एच5एन1 वायरस पाया गया है वो उस झील से सिर्फ़ 200 मीटर दूर है जहाँ फ़्रांस का पहला बर्ड फ़्लू का मामला सामने आया था.
फ़्रांस में दो बत्तखों में बर्ड फ़्लू के मामले सामने आए थे.
फ़्रांस यूरोप का सबसे बड़ा पोल्ट्री उत्पादक है और बर्ड फ़्लू की बात उजागर होने के बाद वहाँ पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री 30 फ़ीसदी गिर गई है.
टीकाकरण
फ़्रांस अब पक्षियों का टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रहा है. टीकाकरण सिर्फ़ उन्हीं इलाक़े के पक्षियों का किया जाएगा जहाँ बर्ड फ़्लू फैलने का ज़्यादा ख़तरा है.
यूरोपीय संघ ने इस अभियान को अपनी मंज़ूरी दी है हालांकि कुछ देशों ने शुरू में इसका विरोध भी किया था.
यूरोपीय संघ के आठ देश- ऑस्ट्रिया, फ़्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, इटली, स्लोवाकिया और स्लोवेनिया- अपने यहाँ एच5एन1 वायरस पाए जाने की बात की पुष्टि कर चुके हैं.
2003 के बाद से बर्ड फ़्लू के एच5एन1 वायरस के कारण दुनिया में 90 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
जो लोग संक्रमित पक्षियों की देखरेख करते हैं उन्हें बर्ड फ़्लू हो सकता है लेकिन अभी तक इसके एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने की बात सामने नहीं आई है.