गुरुवार, 23 फ़रवरी, 2006 को 04:17 GMT तक के समाचार
सलीम रिज़वी
वाशिंगटन से
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भारत की यात्रा पर आने से पहले वाशिंगटन में एशिया सोसाइटी की बैठक में भारत को अमरीका का स्वाभाविक साझीदार बताया है.
जॉर्ज बुश ने भारत के साथ पिछले वर्ष जुलाई में हुए परमाणु समझौते का भी ज़िक्र किया, उन्होंने कहा कि इस समझौते को लागू करना भारत और अमरीका दोनों के लिए आसान नहीं है.
उन्होंने कहा कि इस समझौते को लागू करने में समय लगेगा और उन्होंने इस मामले पर संयम रखने की सलाह दी.
अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि "भारत को अपने सैनिक और असैनिक परमाणु कार्यक्रमों को अलग-अलग करने के लिए एक पारदर्शी और सुरक्षित योजना तैयार करनी चाहिए."
उन्होंने कहा कि इस समझौते के लागू हो जाने के बाद दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और बढ़ेगा.
भारत और पाकिस्तान दोनों चाहते हैं कि अगले महीने होने वाली राष्ट्रपति बुश की भारत यात्रा से पहले इस संधि को लागू करने की दिशा में ठोस प्रगति हो.
बुश ने कहा कि भारत और अमरीका के संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं क्योंकि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक साथ हैं.
उन्होंने भारत के साथ बढ़ते आर्थिक सहयोग की भी चर्चा की और कहा कि वे अमरीकी कंपनियों के काम की आउटसोर्सिंग में कोई बुराई नहीं देखते.
बुश ने कहा कि भारत में मध्यम वर्ग की तेज़ी से बढ़ रही आय का बहुत फ़ायदा अमरीकी कंपनियों को हो सकता है.
उन्होंने कहा कि अमरीका और भारत स्वाभाविक साझीदार हैं क्योंकि दोनों देशों बहुत विविधतापूर्ण हैं और उनमें लोकतांत्रिक व्यवस्था है.
जॉर्ज बुश ने हालाँकि पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की प्रशंसा की लेकिन साथ ही कहा कि पाकिस्तान को अभी लोकतंत्र की दिशा में बहुत लंबा सफ़र तय करना है.
उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि अगले साल पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों.