मंगलवार, 21 फ़रवरी, 2006 को 17:00 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने चरमपंथी गुट हमास के वरिष्ठ नेता इस्माईल हानिया को औपचारिक तौर पर नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है.
हमास ने पिछले महीने हुए फ़लस्तीनी चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतकर सबको हैरान कर दिया था.
हमास ने इससे पहले फ़लस्तीनी प्रशासन के लिए अपने नेता इस्माईल हानिया का नाम आगे रखा था. संगठन ने कहा है कि वह राष्ट्रीय एकता वाली सरकार बनाना चाहती है.
समझा जाता है कि सरकार बनाने का न्यौता मिलने के बाद हमास अब अन्य दलों के साथ औपचारिक तौर पर बात करेगा.
हमास के पास नई सरकार बनाने के लिए पाँच सप्ताह का समय होगा. महमूद अब्बास ने हमास से कहा है कि वह इसराइल को मान्यता दे और पिछली फ़लस्तीनी सरकार के किए गए वादों का सम्मान करे.
'शर्त स्वीकार नहीं'
लेकिन हमास ने कह रखा है कि वह इन शर्तों को स्वीकार नहीं कर सकता. इस बीच मिस्र के दौरे पर पहुँची अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि किसी भी फ़लस्तीनी सरकार को इसराइल के अस्तित्त्व का अधिकार स्वीकार करना चाहिए.
मिस्र के विदेश मंत्री अहमद अबुल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राइस ने कहा, "आप एक पैर आतंकवादी कैंप में और दूसरा पैर राजनीति के कैंप में नहीं रख सकते."
जानकारों का कहना है कि हमास और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास इस समय आपस में कड़वाहट नहीं लाना चाहते.
पिछले महीने फ़लस्तीनी संसद के लिए हुए चुनाव में हमास ने 132 में से 74 सीटों में जीत हासिल की थी. जबकि सत्ताधारी फ़तह पार्टी की हार हुई थी.
हमास का कहना है कि वह राष्ट्रीय एकता की सरकार के पक्ष में है. लेकिन फ़तह सहित अन्य गुटों ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया है.
मंगलवार को इस्माईल हानिया ने अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा से बातचीत में कहा था कि सहमति वाली सरकार पर फ़तह से बातचीत चल रही है.
इसराइल और अमरीका ने हमास को 'आतंकवादी संगठन' कहते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश में लगे हैं.