रविवार, 19 फ़रवरी, 2006 को 20:46 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा है कि इसराइल के फ़लस्तीनी प्रशासन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने और अमरीका के सहायता राशि वापस माँगने के कारण वित्तीय संकट की स्थिति बन गई है.
ग़ौरतलब है कि इसराइली कैबिनेट ने हमास की अगुआई वाले फ़लस्तीनी प्रशासन पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है.
इसराइल ने फ़ैसला किया है कि फ़लस्तीनियों के लिए जो ‘कर’ वह हर महीने एकत्र करता है वह फ़लस्तीनी प्राधिकरण को नहीं दिया जाएगा.
इसराइल के शब्दों में वह ‘आतंकवादियों के प्रधिकरण’ को कोई पैसा नहीं देना चाहता. इसराइल का ये भी मानना है कि ऐसा करने से हमास को फ़लस्तीनियों की ओर से मिलने वाला समर्थन घटेगा.
बीबीसी संवाददाता मैथ्यू प्राइस के अनुसार फ़लस्तीनी प्राधिकरण की आर्थिक हालत पहले ही ख़राब है. अब उसके पास ख़र्च करने के लिए हर महीने पाँच करोड़ डॉलर और घट जाएँगे. हमास ने इसराइल को मान्यता नहीं दी है.
आर्थिक संकट
महमूद अब्बास ने ग़ज़ा पट्टी में बोलते हुए आर्थिक संकट की बात कही. अब्बास हमास के नेताओं से बातचीत के लिए ग़ज़ा गए हैं.
फ़लस्तीनी नेता ने कहा, "दुर्भाग्यवश, पिछले एक महीने से दबाव बढ़ना शुरु हो गया है और समर्थन के साथ-साथ मदद भी घटने लगी है. इसलिए हम इस समय गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं."
ग़ौरतलब है कि हमास ने हाल के चुनावों में भारी जीत हासिल की है और नई संसद और सरकार में उसका बहुमत है.
संवाददाताओं का कहना है कि इसराइली कैबिनेट के फ़ैसले का मक़सद हमास को फ़लस्तीनी लोगों का समर्थन कमज़ोर करना है.
उधर इसराइल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री एहूद ओल्मर्ट ने रविवार को कहा कि हमास की अगुआई वाला फ़लस्तीनी प्रशासन 'चरमपंथी प्राधिकरण' है.
ओल्मर्ट ने कहा, "फ़लस्तीनी संसद में हमास के बहुमत को देखते हुए ये स्पष्ट है कि फ़लस्तीनी प्रशासन चरमपंथी प्राधिकरण बनता जा रहा है."