शनिवार, 18 फ़रवरी, 2006 को 18:27 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने हमास के बहुमत वाली नई संसद से आग्रह किया है कि वे इसराइल के साथ मौजूदा तमाम समझौतों का सम्मान करें और शांति के प्रति समर्पित रहें.
उधर हमास के एक प्रवक्ता ने कहा है कि संगठन इसराइल के साथ तब तक कोई बातचीत नहीं कर सकता जब तक कि फ़लस्तीनी क्षेत्रों पर उसका क़ब्ज़ा रहेगा.
ग़ौरतलब है कि हमास इसराइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता और उसके ख़िलाफ़ सशस्त्र संघर्ष की हिमायत करता है.
फ़लस्तीनी संसद के नए सदस्यों ने शनिवार को शपथ ली. इस अवसर पर बोलते हुए महमूद अब्बास ने इसराइल और चार मध्यस्थों - संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, अमरीका और रूस से कहा कि वे शांति प्रक्रिया को फिर से जीवित करें.
नई फ़लस्तीनी संसद के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए अब्बास ने कहा कि फ़लस्तीनियों के पास सिर्फ़ यही विकल्प है कि वे इसराइल के साथ सामरिक बातचीत में शामिल रहें.
दूसरी तरफ़ हमास ने कहा है कि वह अपनी नीतियों पर चलता रहेगा.
महमूद अब्बास ने कहा कि फ़लस्तीनी लोगों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की सज़ा नहीं मिलनी चाहिए.
अब्बास का इशारा जनवरी के आम चुनावों में हमास की जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता में कटौती किए जाने की धमकियों की तरफ़ था.
महमूद अब्बास ने हमास से कहा है कि वह जल्दी से जल्दी नई सरकार का गठन करे.
'स्वतंत्रता का अधिकार'
नई संसद के स्पीकर अब्दुल अज़ीज़ दुवाइक ने कहा कि इसराइल को यह स्वीकार करना चाहिए कि फ़लस्तीनी लोग भी किसी अन्य राष्ट्र की तरह ही स्वतंत्र रूप से रहना चाहते हैं.
उधर इसराइल ने कहा है कि वह हमास सरकार से तब तक कोई नाता नहीं रखेगा जब तक कि वह इसराइल के वजूद को मान्यता नहीं देता और अपने हथियार नहीं छोड़ देता.
ग़ज़ा पट्टी में रहने वाले हमास के नेताओं वीडियो लिंक के ज़रिए नई संसद की कार्यवाही में भाग लिया क्योंकि इसराइल उन्हें ग़ज़ा की सीमा से निकलकर पश्चिमी तट में जाने की इजाज़त नहीं देगा.
नई फ़लस्तीनी सरकार में हमास की भूमिका के मद्देनज़र फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ संभावित प्रतिबंधों पर विचार करने के लिए इसराइली मंत्रिमंडल की रविवार को बैठक होगी.
उधर फ़लस्तीनी प्रशासन ने अमरीका को पाँच करोड़ डॉलर की सहायता राशि लौटाने की घोषणा की है.
अमरीकी विदेश विभाग ने धन राशि वापस लौटाने की मांग करते हुए कहा था कि अमरीका चरमपंथी संगठन हमास की अगुवाई वाली फ़लस्तीनी सरकार की आर्थिक सहायता नहीं करना चाहता है.