शनिवार, 18 फ़रवरी, 2006 को 21:41 GMT तक के समाचार
फ्रांस के अधिकारियों ने कहा है कि ल्योन के निकट जो जंगली बत्तख मरी हुई पाई गई थी उसमें बर्ड फ्लू के ख़तरनाक वायरस एच5एन1 होने की पुष्टि हुई है.
फ्रांस में इस वायरस की पुष्टि होने का यह पहला मामला है.
पिछले सोमवार को यह जंगली बत्तख मरी हुई पाई गई थी तभी से उस पर परीक्षण किए जा रहे थे और शनिवार को ख़तरनाक वायरस एच5एन1 होने की पुष्टि हुई.
फ्रांस यूरोप में सबसे ज़्यादा मुर्ग़ियाँ और बत्तखें पाली जाती हैं और फ्रांस यूरोप का ऐसा छठा देश है जहाँ इस ख़तरनाक वायरस की पुष्टि हुई है.
बर्ड फ्लू के ख़तरनाक वायरस एच5एन1 ने दुनिया भर में अभी तक 90 से ज़्यादा लोगों की जान ले ली है और इसका ज़्यादा असर दक्षिण पूर्व एशिया में 2003 से हो रहा है.
पेरिस में बीबीसी संवाददाता कैरोलीन व्याट का कहना है कि फ्रांस कई महीनों से बर्ड फ्लू को लेकर बहुत चौकन्ना था. फ्रांस प्रवासी पक्षियों के लिए बीच में पड़ने वाला स्थान है यानी कि बहुत से पक्षी अपनी लंबी उड़ानों के दौरान यहीं सो होकर गुज़रते हैं.
जैसे ही ख़तरनाक वायरस होने की पुष्टि हुई तो फ्रांस सरकार ने आदेश दे दिया है कि तमाम पालतू पक्षियों को या तो दवाई पिला दी जाए या फिर उन्हें किसी स्थान पर बंद रखा जाए ताकि वे संक्रमण से बचे रहें.
लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि फ्रांस के किसानों को पहले से ही डर है कि उनकी जीविका ख़तरे में पड़ गई है हालाँकि अभी तक पालतू मुर्ग़े-मुर्ग़ियों और बत्तखों में कोई ख़तरनाक वायरस नहीं पाया गया है.
एच5एन1 वायरस संक्रमित पक्षियों से इंसानों में भी पहुँच सकता है लेकिन अभी ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि यह इंसान से इंसान में भी जा सकता है.