शुक्रवार, 17 फ़रवरी, 2006 को 15:28 GMT तक के समाचार
ईरान के विदेश मंत्री मनुछेर मोत्तकी ने माँग की है कि ब्रितानी सेना दक्षिणी इराक़ से तत्काल हट जाए.
लेबनान की यात्रा पर गए ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि आठ हज़ार ब्रितानी सैनिकों की मौजूदगी से पूरे इलाक़े में अस्थिरता पैदा हो रही है.
मोत्तकी ने कहा कि इराक़ में मौजूद ब्रितानी सैनिकों ने मानवाधिकारों का हनन किया है.
ब्रितानी सरकार मानवाधिकारों के कथित हनन की जाँच के आदेश पहले ही दे चुकी है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने आरोप लगाया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के विवाद से ध्यान हटाने के लिए इराक़ की बात कर रहा है.
जवाब
ब्लेयर ने कहा, "मेरा ईरानियों से यही कहना है कि इराक़ का मुद्दा उठाकर आप मूल मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश न करें. इराक़ में हमारे सैनिक तब तक रहेंगे जब तक संयुक्त राष्ट्र और इराक़ी चाहते हैं कि हम वहाँ रहें."
ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जबकि ब्रितानी प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर के बीच ईरान के मामले पर बातचीत हुई है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और जर्मनी की चाँसलर एंगेला मार्केल ने कहा है कि दोनों देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में चिंतित हैं और उसके बारे में क़दम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
इस बातचीत में टोनी ब्लेयर और एंगेला मर्कल के बीच सहमति हुई है कि वे समस्या के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखेंगे.
जर्मन चांसलर ने कहा है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन शुरू करके चेतावनी की सीमा को पहले ही पार कर लिया है.