गुरुवार, 16 फ़रवरी, 2006 को 21:10 GMT तक के समाचार
अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार आयुक्त लुइस आर्बूर की इस माँग को ख़ारिज कर दिया है कि क्यूबा के ग्वांतनामो बे में अमरीकी शिविर को बंद कर दिया जाना चाहिए.
अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैक्केलन ने कहा है कि ग्वांतनामो बे शिविर के बारे में संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा रिपोर्ट से कुछ नहीं बदला है.
प्रवक्ता ने प्रताड़ना और अमानवीय बर्ताव के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि यह उन्हीं आरोपों को दोहराने जैसा है जो पहले ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए कुछ बंदियों के वकील लगा चुके हैं.
प्रवक्ता स्कॉट मैक्केलन ने कहा, "ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए बंदी ख़तरनाक आतंकवादी हैं और यह सर्वविदित है कि अल क़ायदा अपने सदस्यों को ऐसे झूठे आरोपों का प्रचार करने का प्रशिक्षण देता है."
संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार मामलों की वरिष्ठतम अधिकारी ने लुइस आर्बूर ने कहा है कि क्यूबा स्थित ग्वांतानामो बे में अमरीका के बंदीगृह को बंद न करने के अलावा अब और कोई विकल्प नहीं बचा है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त लुइस आर्बूर ने कहा है कि वहाँ कुछ बंदी तो इतने अधिक समय से क़ैद हैं कि अमरीकी न्याय व्यवस्था अधिक प्रयत्न करे तो भी जो नुक़सान हुआ है उसकी भरपाई नहीं की जा सकती है.
पाँच विशेषज्ञों की इस संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट में ग्वांतनामो बे शिविर में बिना मुक़दमा चलाए पाँच साल तक लोगों को बंदी बनाने की वैधता को चुनौती दी है और अमरीका पर अंतरराष्ट्रीय क़ानून की अनदेखी करने का आरोप लगाया है.
छोड़ें या मुक़दमा
रिपोर्ट में कहा गया है कि या तो बंदियों को छोड़ दिया जाए या फिर उन पर बाक़ायदा क़ानूनी दायरे में मुक़दमा चलया जाए.
रिपोर्ट के अनुसार लोगों को बिना मुक़दमा चलाए इस तरह बंदी बनाकर रखने से अंतरराष्ट्रीय क़ानून का महत्व कम होता है.
ग्वांतानामो बे के बारे में रिपोर्ट गुरूवार को जारी होनी है और संयुक्त राष्ट्र आयुक्त ने उससे पहले ऐसे बयान दिए हैं.
उनका कहना है कि अमरीका को या तो वहाँ रखे गए बंदियों के ख़िलाफ़ सुनवाई करनी चाहिए या अड्डा बंद कर देना चाहिए.
उन्होंने संदिग्ध लोगों का अपहरण कर उनको ऐसे स्थानों पर भेजे जाने की घटनाओं की भी निंदा की जहाँ उनको यातना दी जाती हो.
ग्वांतानामो बे के बंदी गृह में उन लोगों को रखा गया है जिन पर कथित रूप से 'आतंकवाद' में शामिल होने का आरोप है.
प्रताड़ना मामलों पर संयुक्त राष्ट्र दूत मैनफ्रेड नोवाक ने बीबीसी से कहा कि ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए 700 पूर्व या मौजूदा बंदियों में से सिर्फ़ नौ को ही सैनिक ट्राइब्यूनलों के सामने पेश किया गया है.
इनमें से कई लोग अफ़ग़ानिस्तान में बंदी बनाए गए थे. इस समय वहाँ लगभग 500 क़ैदी हैं.