गुरुवार, 16 फ़रवरी, 2006 को 02:04 GMT तक के समाचार
अमरीका के मानवाधिकार संगठनों ने अबू ग़रेब में क़ैदियों की दुर्दशा की नई तस्वीरें आने के बाद इस सारे मामले की जाँच की मांग की है.
कार्यकर्ताओं ने उम्मीद ज़ाहिर की है कि इन नए चित्रों के सामने आने के बाद सरकार जेलों की नीति निर्धारण करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सख़्ती बरतने को प्रेरित होगी.
उधर, अमरीका ने एक ऑस्ट्रेलियाई टीवी चैनल पर इराक़ की अबू ग़रेब जेल में कैदियों के साथ दुर्व्यवहार की तस्वीरें दिखाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इसे प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए था.
अमरीकी रक्षा विभाग ने कहा है कि इन तस्वीरों से 'अनावश्यक रुप से हिंसा को बढ़ावा मिलेगा.'
अधिकारियों का कहना है कि इन दुर्व्यवहार के लिए दोषी सैनिकों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है.
उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलियाई टेलीविज़न सीबीएस ने वर्ष 2003 में अबू ग़रेब जेल में क़ैदियों को यातनाएँ दिए जाने की वो तस्वीरें प्रसारित की हैं जिन्हें अब तक प्रसारित नहीं किया गया था.
उधर टेलीविज़न चैनल ने अपने इस फ़ैसले को सही ठहराया है.
ये तस्वीरें ऐसे समय में सामने आई हैं जबकि मुसलमानों और पश्चिमी देशों के बीच पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों को लेकर तनाव अपने चरम पर पहुँच रहा है.
एसबीएस का कहना है, "इन तस्वीरों में हत्या, प्रताड़ना और यौन दुर्व्यवहार साफ़ देखा जा सकता है."
बुधवार को एसबीएस के कार्यक्रम 'डेटलाइन' में दिखाया गया था कि अमरीकी सैनिक क़ैदियों को कैमरे के सामने हस्तमैथुन करने के लिए बाध्य कर रहे हैं.
एक अन्य वीडियो में दिखाया गया है कि एक परेशान क़ैदी अपना सिर दीवार से टकरा रहा है.
अमरीका नाराज़
अमरीकी रक्षा विभाग ने इस बात की पुष्टि तो कर दी है कि टेलीविज़न पर दिखाई गई तस्वीरें प्रामाणिक हैं.
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अमरीकी विदेश विभाग के क़ानूनी सलाहकार जॉन बेलिंगर ने भी कहा है कि सरकार मानती है कि यदि ये तस्वीरें नहीं दिखाई जातीं तो अच्छा होता.
जॉन बेलिंगर ने कहा, "इसलिए नहीं कि इसमें हम कुछ छिपाना चाहते हैं लेकिन हमें लगता है कि यह लोगों की निजी ज़िंदगी में दखल देने जैसा है."
उन्होंने कहा कि 600 से अधिक लोगों के ख़िलाफ़ क़ैदियों के दुर्व्यवहार की शिकायतें थीं और जाँच के बाद 200 से अधिक लोगों को दोषी पाया गया.
उनका कहना था, "अबू ग़रेब जेल के मामले में ही 25 से अधिक अधिक लोगों को आपराधिक कार्यों और लापरवाही के लिए दोषी पाया गया."
याद रहे कि अबू ग़रेब जेल में कैदियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला अभी अमरीकी अदालत में चल रहा है और एसबीएस ने ये तस्वीरें अदालत से मंज़ूरी लेने के बाद प्रसारित की हैं.
न्यूयॉर्क के एक जज ने अमरीकी सरकार की इन दलीलों को नकार दिया था कि इन तस्वीरों के प्रसारण से अमरीका विरोधी भावनाओं को बल मिलेगा, लेकिन जज ने सूचना के अधिकार के तहत तस्वीरों के प्रसारण की अनुमति दे दी.
टेलीविज़न चैनल का कहना है कि इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सरकार अपील भी करने की तैयारी कर रही है.