बुधवार, 15 फ़रवरी, 2006 को 04:34 GMT तक के समाचार
यूरोप के दो और देशों, जर्मनी और ऑस्ट्रिया, में बर्ड फ़्लू के मामलों का पता चला है.
उत्तरी जर्मनी में दो हंस मरे पाए गए जिनमें ख़तरनाक एच5एन1 वायरस होने की पुष्टि की गई है.
इससे कुछ घंटे पहले ऑस्ट्रिया में भी ऐसा ही हुआ जहाँ अधिकारियों ने बताया कि दो मृत हंसों में एच5एन1 वायरस पाए गए.
संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन ने इन घटनाओं के बाद पश्चिमी यूरोप के देशों से आग्रह किया है कि वे दहशत में ना आएँ.
लेकिन संस्था ने साथ ही यें भी चेतावनी जारी की है प्रवासी पक्षियों के लौटने के कारण बर्ड फ़्लू के वायरस फैल सकते हैं.
प्रवासी पक्षी जाड़ों में यूरोप से बाहर अफ़्रीका जैसी जगहों पर चले जाते हैं जहाँ माना जाता है कि बर्ड फ़्लू का संक्रमण शुरू हुआ था.
संस्था के एक निदेशक सैमुएल जुत्ज़ी ने कहा,"हमें ये जानकारी होनी चाहिए कि इस वसंत में जब पक्षी उत्तर की ओर आएँगे तो यूरोप के लिए ख़तरा हो सकता है".
यूरोप में इससे पहले रोमानिया, ग्रीस, इटली और बुल्गारिया में मृत पक्षियों में बर्ड फ़्लू के ख़तरनाक वायरस के लक्षणों की पुष्टि हो चुकी है.
एक और देश स्लोवेनिया में ऑस्ट्रिया से लगी सीमा के पास रविवार को एक मृत पक्षी की जाँच चल रही है.
बर्ड फ़्लू के एच5एन1 वायरस के कारण 2003 से लेकर अभी तक कम-से-कम 90 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें अधिकतर लोग दक्षिण पूर्व एशिया में मारे गए.
माना जाता है कि वायरस से संक्रमित पक्षियों के काफ़ी निकट रहने पर इंसान भी इससे संक्रमित हो सकता है.
मगर इस बात के कोई प्रमाण अभी तक नहीं मिले हैं जिससे ये कहा जा सके कि ये बीमारी इंसानों से इंसानों में हो सकती है.