बुधवार, 15 फ़रवरी, 2006 को 22:45 GMT तक के समाचार
एक ऑस्ट्रेलियाई टीवी चैनल ने इराक़ की अबू ग़रेब जेल में कैदियों के साथ दुर्व्यवहार की कई नई सनसनीखेज़ तस्वीरों का प्रसारण किया है.
एसबीएस नाम के टीवी चैनल पर जो तस्वीरें दिखाई गई हैं उनका स्रोत भी वही है जिसकी वजह से पिछले वर्ष कई अमरीकी सैनिकों को नौकरी गँवानी पड़ी थी और कुछ को सज़ा भी हुई थी.
एसबीएस का कहना है कि "इन तस्वीरों में हत्या, प्रताड़ना और यौन दुर्व्यवहार साफ़ देखा जा सकता है."
ये तस्वीरें ऐसे समय में सामने आई हैं जबकि मुसलमानों और पश्चिमी देशों के बीच पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों को लेकर तनाव अपने चरम पर पहुँच रहा है.
बुधवार को एसबीएस के कार्यक्रम 'डेटलाइन' में दिखाया गया था कि अमरीकी सैनिक क़ैदियों को कैमरे के सामने हस्तमैथुन करने के लिए बाध्य कर रहे हैं.
एक अन्य वीडियो में दिखाया गया है कि एक परेशान क़ैदी अपना सिर दीवार से टकरा रहा है.
चोट के निशान
कुछ तस्वीरों में लाशें भी दिख रही हैं, कई तस्वीरों में क़ैदियों के शरीर पर चोट के गहरे निशान दिखाई देते हैं.
तस्वीरों में वे दो सैनिक भी दिखाई देते हैं जिन्हें इस मामले में पहले ही सज़ा हो चुकी है, महिला सैनिक लिंडी इंग्लैंड और चार्ल्स गार्नर.
अबू ग़रेब जेल में कैदियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला अभी अमरीकी अदालत में चल रहा है और एसबीएस ने ये तस्वीरें अदालत से मंज़ूरी लेने के बाद प्रसारित की हैं.
न्यूयॉर्क के एक जज ने अमरीकी सरकार की इन दलीलों को नकार दिया था कि इन तस्वीरों के प्रसारण से अमरीका विरोधी भावनाओं को बल मिलेगा, लेकिन जज ने सूचना के अधिकार के तहत तस्वीरों के प्रसारण की अनुमति दे दी.
अबू ग़रेब के मामले में अब तक नौ जूनियर सैनिक अधिकारियों को दोषी पाया गया है, जिनमें से कुछ लोग अभी कारावास की सज़ा काट रहे हैं.
इस मामले में सभी वरिष्ठ अमरीकी सैनिक अधिकारियों को पहले ही दोषमुक्त कर दिया गया है.
अबू ग़रेब जेल के तत्कालीन प्रभारी जेनिस कार्पिन्सकी को 'कर्तव्यपालन में लापरवाही' के लिए जनरल के ओहदे से हटाकर कर्नल बना दिया गया.