मंगलवार, 14 फ़रवरी, 2006 को 22:02 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन में सांसदों ने भारी बहुमत से उस क़ानून को पारित कर दिया है जिसके तहत सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना मना होगा.
इन सार्वजनिक स्थलों में शराबख़ाने और प्राइवेट क्लब भी शामिल हैं.
ब्रिटेन की स्वास्थ्य मंत्री पिट्रिशिया ह्यूइट का कहना है कि यह क़ानून वर्ष 2007 से लागू होगा और इससे "हज़ारों लोगों की जान बचाई जा सकेगी."
यूरोप के कई अन्य देशों के अलावा स्कॉटलैंड और आयरलैंड में इस तरह का प्रतिबंध पहले ही लागू है.
सरकार ये चाहती थी कि क्लबों और पबों को इस प्रतिबंध से अलग रखा जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
लेबर पार्टी की सरकार का इरादा था कि चहारदीवारी से घिरे सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान को रोका जाए.
इसके अलावा सरकार चाहती थी कि रेस्तराँओं और बारों में काम करने वाले कर्मचारियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सीमित इलाक़ों में धूम्रपान पर पाबंदी हो.
रेस्तराँ और बारों के कर्मचारियों को न चाहते हुए भी ग्राहकों की सिगरेटों का धुआँ अपनी साँस में खींचना पड़ता है.
लेकिन संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ कॉमन्स ने उस विधेयक को मानने से इनकार कर दिया और उसकी जगह पूरी पाबंदी का क़ानून पारित कर दिया.
संसद में लेबर पार्टी को भारी बहुमत हासिल है लेकिन विपक्षी पार्टी नहीं बल्कि सत्ताधारी पार्टी के कई मंत्री ये चाहते थे कि धूम्रपान पर सीमित नहीं बल्कि पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाए.
इसका परिणाम ये हुआ कि लेबर पार्टी को अपने विधेयक में संशोधन करना पड़ा जिसके बाद वह भारी बहुमत से पारित कर दिया गया.
लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस विधेयक को इस तरह लागू किया जाएगा और क़ानून तोड़ने वालों के लिए क्या प्रावधान होंगे.
इसके अलावा कई पबों और बारों के मालिक इससे नाख़ुश हैं और इस फ़ैसले को चुनौती दे सकते हैं.