मंगलवार, 14 फ़रवरी, 2006 को 04:52 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र के कूटनीतिज्ञों ने कहा है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन का काम फिर से शुरू कर दिया है.
कूटनीतिज्ञों के मुताबिक ईरान ने सेंटरीफयूजों में यूरेनियम हैक्साफ़्लोराइड गैस (यूएफ़6) भरनी शुरू कर दी है. परमाणु रिएक्टर या ईंधन बनाने की प्रकिया में यही पहला क़दम होता है.
अगर यूरेनियम का उच्च स्तर तक संवर्धन किया जाए तो उसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने के लिए किया जा सकता है.
ईरान का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भेजे जाने पर ईरान ने आगाह किया था कि वो संवर्धन का काम फिर शुरू करे देगा.
ईरानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा है कि इस हफ़्ते रूस से होनी वाली बातचीत भी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई है. इस बातचीत में यूरेनियम संवर्धन का काम रूस में किए जाने पर चर्चा होनी थी. रूस ने प्रस्ताव दिया था कि यूरेनियम संवर्धन का काम उसके यहाँ हो और फिर ईंधन को ईरान भेजा जाए.
लेकिन रूस ने कहा है कि बातचीत अब भी हो सकती है.
आईएईए
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के जाँचकर्ता ईरान के नतांज़ परमाणु संयंत्र का मंगलवार को दौरा करने वाले हैं. माना जा रहा है कि संवर्धन का काम यहीं हो रहा है.
आईएईए के अधिकारियों ने चार फ़रवरी को ईरान का मामला सुरक्षा परिषद भेजे जाने के पक्ष में मतदान किया था. ये फ़ैसला परमाणु शोध फिर शुरू करने के ईरान के फ़ैसले के चलते किया गया था.
उसके बाद ईरान ने घोषणा की थी कि वो यूरेनियम संवर्धन पर लगी रोक ख़त्म कर देगा और संयुक्त राष्ट्र को परमाणु संयंत्रों की निगरानी नहीं करने देगा.
ईरान के राष्ट्रपति ने परमाणु अप्रसार संधि से हटने की बात भी कही है.
परमाणु अप्रसार संधि का मक़सद देशों को परमाणु शक्ति बनने से रोकना और शांतिपूर्ण मकसद के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल के क्षेत्र में मेलजोल बढ़ाना है.
परमाणु अप्रसार संधि पर 187 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने उम्मीद जताई है कि ‘ऐसे क़दम नहीं उठाए जाएँगे जिससे स्थिति और बिगड़े.’
वाशिंगटन में अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाकात के बाद कोफ़ी अन्नान ने ईरान से कहा कि वो ऐसा संकेत दे कि बातचीत ख़त्म नहीं हुई है.