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सोमवार, 13 फ़रवरी, 2006 को 20:07 GMT तक के समाचार

सद्दाम के सहयोगियों ने गवाही नहीं दी

इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के दो सहयोगियों ने बग़दाद में सद्दाम हुसैन पर चल रहे मुक़दमे में इराक़ी नेता के ख़िलाफ़ गवाही देने से इनकार कर दिया है.

सोमवार को इराक़ के राष्ट्रपति कार्यालय के पूर्व प्रमुख अहमद ख़ुदायिर और ख़ुफ़िया विभाग के पूर्व प्रमुख हसन अल ओबैदी ने अदालत में ये कहा कि दोनों को उनकी मर्ज़ी के बिना अदालत लाया गया है.

इससे पहले अदालत में सद्दाम हुसैन को भी लाया गया और उन्होंने भी कहा कि उनको जबरन लाया गया है.

वीडियोः सद्दाम ने लगाए बुश विरोधी नारे

उन्होंने वहाँ बुश मुर्दाबाद के नारे लगाए और न्यायाधीश पर भी चीखे.

अदालत में सद्दाम ने कहाः बुश मुर्दाबाद

सद्दाम हुसैन और उनके सात पूर्व सहयोगियों के ख़िलाफ़ 1982 में दुजैल गाँव में 148 शिया नागरिकों की हत्या में शामिल होने का आरोप है.

निराशा

सद्दाम हुसैन पर चल रहे मुक़दमे में इसके पहले गवाहियाँ तो कई लोगों ने दी थीं लेकिन सोमवार को पहली बार उनके पूर्व सहयोगियों को अदालत लाया गया.

बग़दाद स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभियोग पक्ष को ये उम्मीद थी कि गवाहों से इस बात की पुष्टि कर ली जाएगी कि दुजैल गाँव में नरसंहार के लिए सद्दाम हुसैन ने ही आदेश दिए थे.

लेकिन सद्दाम हुसैन के समय राष्ट्रपति कार्यालय के पूर्व प्रमुख अहमद ख़ुदायिर ने अदालत में कहा कि वे दुजैल गाँव में हुए नरसंहार के बारे में कुछ भी नहीं जानते.

जब उनको एक ऐसा दस्तावेज़ दिखाया गया जिसपर उनके दस्तख़त थे और जिनसे ये पता चलता था कि सद्दाम हुसैन ने हत्याकांड को मंज़ूरी दी थी, तो उन्होंने मानने से इनकार कर दिया.

उन्होंने कहा, "मुझे कुछ भी याद नहीं आ रहा है. मैं इस मुक़दमे में गवाह बनने के योग्य हूँ ही नहीं".

वहीं दूसरे गवाह ख़ुफ़िया विभाग के पूर्व प्रमुख हसन अल ओबैदी ने कहा कि वे दुजैल गाँव की घटना के समय अनुपस्थित थे.

उनके ये कहने के समय सद्दाम हुसैन हँस रहे थे.

उनके दोनों पूर्व सहयोगियों ने कहा कि उन्हें उनकी इच्छा के बग़ैर अदालत घसीटकर लाया गया है.