रविवार, 12 फ़रवरी, 2006 को 21:28 GMT तक के समाचार
इराक़ में अगली सरकार का नेतृत्व करने के लिए इब्राहीम जाफ़री के नामांकन पर मिली जुली प्रतिक्रिया हुई है.
इराक़ में सद्दाम हुसैन की सत्ता की समाप्ति के बाद ये पहली पूर्णकालिक सरकार होगी.
इससे पहले संसदीय चुनाव में सर्वाधिक सीटें हासिल करनेवाले शिया पार्टियों के गठबंधन ने इराक़ के मौजूदा प्रधानमंत्री इब्राहिम अल जाफ़री को अगली सरकार बनाने के लिए अपना उम्मीदवार चुना.
अब ये तय माना जा रहा है कि उनके नामांकन को संसद से मंज़ूरी मिल जाएगी.
सुन्नी दलों के गठबंधन, इराक़ी अकॉर्डेंस फ़्रंट ने कहा है कि वे इब्राहीम जाफ़री के साथ मिलकर देश में अमरीका के क़ब्ज़े को समाप्त करेंगी.
वहीं इराक़ के पूर्व विदेश मंत्री अदनान पचाची ने कहा है वे इब्राहीम जाफ़री के नामांकन पर सहमति से चकित और निराश हुए हैं.
कुछ हफ़्ते पहले इराक़ में हुए चुनावों में शिया गठबंधन युनाइटेड इराक़ी अलायंस को सबसे अधिक सीटें मिली थीं लेकिन उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिला था.
समझा जा रहा है कि शिया गठबंधन अब सुन्नी, कुर्द और धर्मनिरपेक्ष गुटों के साथ मिलकर एक व्यापक आधार वाली सरकार गठित करने का प्रयास करेगा.
इराक़ी चुनाव में शिया गठबंधन को इराक़ी संसद की 275 सीटों में से 128 सीटें मिली थीं.
कुर्द गठबंधन को 53, कुर्दिस्तान इस्लामिक यूनियन को पाँच और दो सुन्नी पार्टियों को 55 सीटें मिली थीं.
इनके अलावा इराक़ी नेशनल लिस्ट को भी 25 उम्मीदवार विजयी रहे थे.