शनिवार, 11 फ़रवरी, 2006 को 00:31 GMT तक के समाचार
फ्रांस के कुछ शीर्ष मुस्लिम संगठनों ने उन अख़बारों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने का फ़ैसला किया है जिन्होंने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद का मखौल उड़ाने वाले कार्टून छापे थे.
फ्रेंच मुस्लिम आस्था परिषद ने कहा है कि वह क़ानून सलाह लेने के बाद क़ानूनी कार्रवाई कर रही है.
परिषद के वकील मायतरे हफ़ीज़ ने कहा कि मुक़दमे की विवरण जल्दी ही तैयार किया जाएगा. उन्होंने इस बारे में ज़्यादा विवरण नहीं दिया.
ग़ौरतलब है कि पैगंबर मोहम्मद का उपहास करने वाले 12 कार्टून 30 सितंबर 2005 को डेनमार्क के एक अख़बार ने प्रकाशित किए थे.
फ्रांस के पाँच अख़बारों ने भी समर्थन में वो कार्टून फ़रवरी के प्रथम सप्ताह में प्रकाशित किए, जिसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.
फ्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने कार्टूनों को फिर से प्रकाशित करने के फ़ैसले को उकसाने वाली कार्रवाई बताया है.
फ्रेंच मुस्लिम आस्था परिषद ने अपने संबंद्ध गुटों और वकीलों की एक बंद कमरे में हुई बैठक के बाद उस अख़बार के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने का फ़ैसला किया जिसने कार्टून छापे थे.
यह परिषद फ्रांस के क़रीब पचास लाख मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करती है. हालाँकि परिषद की उम्र अभी सिर्फ़ तीन साल की ही है इसलिए वह ख़ुद मुक़दमा नहीं कर सकती.
अपेक्षा की जा रही है कि आस्था परिषद से जो संगठन जुड़े हुए हैं जिनकी उम्र पाँच साल से ज़्यादा है वे संगठन परिषद की तरफ़ से यह क़ानूनी कार्रवाई करेंगे.
अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस मुक़दमे में कितने अख़बारों को प्रतिवादी बनाया जाएगा.